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स्वदेशी GPS ‘NavIC’ से लैस होंगे स्मार्टफोन, ISRO से बात कर रहा है Xiaomi

स्मार्टफोन उपभोक्ता जल्दी ही स्वदेशी GPS नाविक NavIC (Indian Regional Navigation Satellite System) की सेवाओं का लाभ उठाने लगेंगे। भारतीय अंतरिक्ष शोध संगठन (ISRO) और चीन की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी श्याओमी इसे लेकर बातचीत कर रही हैं।

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Xiaomi. (File Photo: IANS)


स्मार्टफोन उपभोक्ता जल्दी ही स्वदेशी GPS नाविक NavIC (Indian Regional Navigation Satellite System) की सेवाओं का लाभ उठाने लगेंगे। भारतीय अंतरिक्ष शोध संगठन (ISRO) और चीन की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी श्याओमी इसे लेकर बातचीत कर रही हैं। ISRO के एक अधिकारी ने बुधवार को यहां बताया कि नाविक के अनुकूल चिपसेट को लेकर बातचीत जारी है। अमेरिका की चिप निर्माता कंपनी क्वालकॉम इस तरह के चिपसेट बना रही हैं और श्याओमी नाविक चिपसेट के साथ स्मार्टफोन उतारने वाली है। Also Read - इन स्मार्ट तरीकों से 2019 में स्मार्टफोन मार्केट से दूर रही मंदी

उन्होंने कहा कि NAVIC उपभोक्ताओं को स्टैंडर्ड पोजिशनिंग सर्विस (एसपीएस) मुहैया कराएगा। प्राधिकृत उपभोक्ताओं को एनक्रिप्टेड रिस्ट्रिक्टेड सर्विस दी जाएगी। इसका इस्तेमाल थलीय, हवाई एवं समुद्री आवागमन के साथ ही वाहनों को ट्रैक करने, आपदा प्रबंधन, मोबाइल फोन में एकीकरण आदि में किया जा सकता है। ये चिपसेट भारत समेत भारतीय सीमा से 1,500 किलोमीटर तक के दायरे में सटीक भौगोलिक स्थिति बताने में सक्षम होंगे। ये सेवा के दायरे वाले इलाके में 20 मीटर से भी अधिक सटीकता के साथ भौगोलिक स्थिति बता सकेंगे। Also Read - Flipstart Days Sale 2020 : Xiaomi और Realme के इन स्मार्टफोन पर मिल रही है बेस्ट डील

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भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी (इसरो)  NavIC के उपग्रह दो  L5 और S माइक्रोवेव फ्रीक्वेंसी बैंड पर सिग्नल देते हैं। इसरो का कहना है कि यह सिस्टम स्टैंडर्ड पोजीशनिंग सर्विस और रिस्ट्रिक्टेड सर्विस की सुविधा प्रदान करता है।  नाविक की ‘स्टैंडर्ड पोजीशनिंग सर्विस’ सर्विस भारत में किसी भी क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति की स्थिति बता सकती है।

इसरो का यह भी कहना है कि नाविक की ‘रिस्ट्रिक्टेड सर्विस’ भारतीय सेना और दूसरे महत्वपूर्ण संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। इसके साथ ही सेटेलाइट रेंजिंग और निगरानी, जेनरेशन और नेवीगेशन मानदंड के प्रसारण के लिये कुछ जमीनी सुविधाएं बहाल करनी होती हैं। इसरो ने बताया कि देश भर में ऐसी सर्विस 18 जगहों पर स्थापित की जा रही हैं। इसके साथ ही देश के दूर-दराज के इलाकों पर नाविक की मदद से नजर रखी जा सकेगी।

इसरो का यह भी कहना था कि वह नाविक के जरिए आस-पड़ोस के देशों को भी GPS की सुविधा दे सकता है। इसके साथ ही पड़ोसी देशों को मौसम संबंधी पूर्वानुमान, मैंपिग जैसी सुविधाएं देकर सरकार को आय हो सकती है।

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  • Published Date: January 2, 2020 5:18 PM IST



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