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समय पर दवाई लेने में मरीज की मदद करेगा स्मार्टफोन

स्वास्थ्य खराब होने के लिए कई बार स्मार्टफोन को जिम्मेवार ठहराया जाता है, लेकिन दिल के मरीजों पर इस डिवाइस का सकारात्मक प्रभाव भी पड़ता है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि एक साधारण ऐप निर्धारित अवधि के लिए इन रोगियों को अपनी दवा लेने में मदद करने का एक प्रभावी तरीका हो सकता है, जिससे समय से पहले मौत के खतरे को कम किया जा सकता है। एक बार दिल का दौरा पड़ने के बाद मरीजों को फिर से इसे रोकने के लिए दवाइयां दी जाती हैं।

  • Published: October 22, 2019 11:52 AM IST
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स्वास्थ्य खराब होने के लिए कई बार स्मार्टफोन को जिम्मेवार ठहराया जाता है, लेकिन दिल के मरीजों पर इस डिवाइस का सकारात्मक प्रभाव भी पड़ता है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि एक साधारण ऐप निर्धारित अवधि के लिए इन रोगियों को अपनी दवा लेने में मदद करने का एक प्रभावी तरीका हो सकता है, जिससे समय से पहले मौत के खतरे को कम किया जा सकता है। एक बार दिल का दौरा पड़ने के बाद मरीजों को फिर से इसे रोकने के लिए दवाइयां दी जाती हैं।
हालांकि, अस्पताल से छुट्टी के बाद पहले 30 दिनों में चार में से एक मरीज कम से कम एक दवा को लेना बंद कर देता है। इससे दिक्कतें पैदा होने के चलते फिर से अस्पताल में भर्ती होने की संभावना और समय से पहले मौत का खतरा बढ़ जाता है।

वर्तमान में इसके पालन में सुधार के लिए कोई सरल और लागत प्रभावी रणनीति नहीं है। ब्यूनस आयर्स में आयोजित 45वीं अर्जेंटीना कांग्रेस ऑफ कार्डियोलॉजी (एसएसी 2019) में किए गए अध्ययन से पता चला है कि स्मार्टफोन ऐप रिमाइंडर का उपयोग करने वाले हृदय रोगियों को लिखित निर्देश प्राप्त करने वालों रोगियों की तुलना में उनकी दवा लेने की अधिक संभावनाएं होती हैं।

ब्यूनस आयर्स के कार्डियोवास्कुलर इंस्टीट्यूट के लेखक क्रिस्टियन एम. गार्मेडिया ने कहा, “हमने अनुमान लगाया कि ऐप से इसका पालन 30 प्रतिशत बढ़ेगा, लेकिन प्रभाव इससे भी कहीं अधिक रहा।”

  • Published Date: October 22, 2019 11:52 AM IST