comscore एशिया में हर 5 में से 3 कंपनियों पर हुए हैं Cyber Attack, प्राइवसी-रैंसमवेयर बड़ी चिंता
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एशिया में हर 5 में से 3 कंपनियों पर हुए हैं साइबर हमले, प्राइवसी और रैंसमवेयर हैं बड़ी चिंता

रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया में स्थित 10 में से सात कंपनियां साइबर थ्रेट्स के विभिन्न रूपों में प्राइवसी अटैक को चिंता का सबसे बड़ा विषय बताती हैं। इसके बाद करीब 58 प्रतिशत कंपनियों ने रैंसमवेयर अटैक को अपनी दूसरी सबसे बड़ी चिंता बताई।

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डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के साथ ही साइबर हमलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। रिस्क एडवाइजर Marsh और Microsoft द्वारा पब्लिश की गई Asia Insights of The State of Cyber Resilience रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया में हर पांच में से तीन कंपनियों पर साइबर हमले हुए हैं। Also Read - बिक गया 54 लाख यूजर्स का डेटा, Twitter ने माना हुआ था अटैक

खबर के मुताबिक, इस बढ़ते खतरे के बावजूद 10 में से 7 कंपनियां को अपनी साइबर सिक्योरिटी पर भरोसा है। हालांकि इनमें से लगभग आधे का मानना है कि साइबर हमलों को रोकने के लिए इसमें अभी और भी सुधार की गुंजाइश है। Also Read - Microsoft Outlook Lite ऐप हुआ लॉन्च, अब सस्ते फोन पर भी मिलेगी फास्ट ईमेल सर्विस

एशिया में प्राइवसी अटैक है सबसे बड़ी चिंता

रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया में स्थित 10 में से सात कंपनियां साइबर थ्रेट्स के विभिन्न रूपों में प्राइवसी अटैक को चिंता का सबसे बड़ा विषय बताती हैं। इसके बाद करीब 58 प्रतिशत कंपनियों ने रैंसमवेयर अटैक को अपनी दूसरी सबसे बड़ी चिंता बताई। ग्लोबल स्टेज पर रैंसमवेयर टॉप थ्रेट है। Also Read - सावधान! अपने फोन से तुरंत डिलीट करें ये ऐप्स, वरना खाली हो जाएगा आपका पूरा बैंक अकाउंट

जैसा कि हमने पहले बताया, रिपोर्ट से पता चला है कि एशिया में 64 प्रतिशत कंपनियां साइबर हमलों से प्रभावित हुई हैं। 69 प्रतिशत कंपनियों ने अपने संगठनों के साइबर सिक्योरिटी में विश्वास जताया, जबकि 48 प्रतिशत ने स्वीकार किया कि इसमें अभी और भी सुधार किया जा सकता है।

खबर के मुताबिक, 26 प्रतिशत कंपनियों ने अपने कंप्यूटर, उपकरणों और सिस्टम की सुरक्षा में सुधार नहीं किया है, जबकि 31 प्रतिशत ने अपनी डेटा प्रोटेक्शन प्रैक्टिस में कोई सुधार नहीं किया।

रिपोर्ट ने बताया कि 35 प्रतिशत कंपनियां साइबर जोखिमों के लिए नई तकनीक का मूल्यांकन तभी करती हैं जब कोई हमला या घटना हुई हो। एशिया का यह आंकड़ा 17 प्रतिशत के ग्लोबल आंकड़ों से दोगुना है। विशेष रूप से, एशिया की केवल 12 प्रतिशत कंपनियां साइबर जोखिम के लिए अपने वित्तीय जोखिम की मात्रा निर्धारित करती हैं। ग्लोबल स्टेज पर यह आंकड़ा 26 प्रतिशत है।

Marsh India ने The State of Cyber Resilience लॉन्च की है। यह रिपोर्ट Marsh और Microsoft द्वारा किए गए सर्वे पर आधारित है। इस साल इस रिपोर्ट का आधार 660 प्रतिभागी हैं।

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  • Published Date: July 6, 2022 12:33 PM IST



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