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Airtel के पास पांच अरब डॉलर का सांविधिक बकाया चुकाने की क्षमता : मूडीज

मूडीज ने बुधवार को कहा कि भारती एयरटेल पर एजीआर के पिछले बकाया की देनदारी 35,300 करोड़ रुपये या पांच अरब डॉलर की है। हालांकि, दूरसंचार कंपनी इसका अंतिम आंकड़ा निकालने के लिए स्व-आकलन कर रही है। मूडीज ने कहा कि 35,300 करोड़ रुपये के नकद भुगतान से भारती एयरटेल की ऋण की गुणवत्ता पर कोई उल्लेखनीय प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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मूडीज इन्वेस्टर सर्विस ने कहा है कि निजी क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल के पास पांच अरब डॉलर के सांविधिक बकाये को चुकाने की वित्तीय क्षमता है। इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने इसी महीने दूरसंचार कंपनियों से कहा था कि वे उसके 24 अक्टूबर, 2019 के फैसले का अनुपालन करें। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में दूरसंचार विभाग की समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) की परिभाषा को उचित ठहराया था। Also Read - Realme इस साल लॉन्च करेगा पांच और 5G स्मार्टफोन

मूडीज ने बुधवार को कहा कि भारती एयरटेल पर एजीआर के पिछले बकाया की देनदारी 35,300 करोड़ रुपये या पांच अरब डॉलर की है। हालांकि, दूरसंचार कंपनी इसका अंतिम आंकड़ा निकालने के लिए स्व-आकलन कर रही है। मूडीज ने कहा कि 35,300 करोड़ रुपये के नकद भुगतान से भारती एयरटेल की ऋण की गुणवत्ता पर कोई उल्लेखनीय प्रभाव नहीं पड़ेगा। यदि कंपनी को मूल राशि और ब्याज मिलाकर 25,200 करोड़ रुपये का ही भुगतान करना पड़ता है तो मौजूदा रेटिंग में उसकी स्थिति संतोषजनक रहेगी। Also Read - Amazon Fab Phones Fest: OnePlus, Apple और Samsung के स्मार्टफोन पर मिल रहा है धमाकेदार डिस्काउंट

एयरटेल को पिछले सांविधिक बकाया का पूरा भुगतान 17 मार्च तक करना है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि कंपनी की हालिया पूंजी जुटाने की गतिविधियों से उसे एजीआर के भुगतान के लिए अतिरिक्त नकदी उपलब्ध होगी। Also Read - Poco X2 स्मार्टफोन एंड्रॉइड-11 ओएस में होगा अपडेट

चंद्रशेखरन ने दूरसंचार मंत्री से की मुलाकात

समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) संकट के बीच टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने मंगलवार को संचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद से मुलाकात की। उनकी मुलाकात दूरसंचार मंत्रालय द्वारा सांविधिक बकाया को लेकर नोटिस जारी करने की तैयारी के बीच हुई है। एक अधिकारी ने कहा कि केवल आंशिक भुगतान करने को लेकर विभाग की ओर से कंपनी को नोटिस देने की तैयारी में है। दोनों की बैठक 30 मिनट से अधिक चली। बैठक के बाद बाहर आने पर चंद्रशेखरन ने कुछ भी कहने से मना कर दिया।

सरकार का कहना है कि कंपनी पर सांविधक बकाया 14,000 करोड़ रुपये बैठता है जबकि टाटा समूह ने अंतिम भुगतान के रूप में 2,197 करोड़ रुपये ही दिये हैं। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि दूरसंचार विभाग कंपनी के बकाया आकलन से सहमत नहीं है। कंपनी को एक-दो दिन में नोटिस भेजा जाएगा और एजीआर आकलन के बारे में सवाल पूछे जाएंगे।

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  • Published Date: February 26, 2020 5:09 PM IST
  • Updated Date: February 26, 2020 5:24 PM IST



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