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मोबाइल नंबर बंद होने से बचाने के लिए रिचार्ज कराना क्यो है जरूरी, जानें क्या है मिनिमम मंथली रिचार्ज मॉडल?

घटते ARPU के चलते टेलीकॉम कंपनियों ने शुरू किया है यह मिनिमम मंथली रिचार्ज मॉडल।


भारत में टेलीकॉम इंडस्ट्री ने पिछले दो सालों में काफी बदलाव देखे हैं। रिलायंस जियो के द्वारा दिए जाने वाले बेहद सस्ते डाटा प्लान और अनलिमिटेड फ्री कॉलिंग ने बाकी सभी कंपनियों को सस्ते डाटा और कॉलिंग प्लान लॉन्च करने पर मजबूर कर दिया है। यही कारण है कि वोडाफोन आइडिया और एयरटेल जैसी बड़ी टेलीकॉम लीडर्स भी काफी समय से सस्ते डाटा प्लान और अनलिमिटेड कॉलिंग दे रही है। लेकिन, यह सस्ते टैरिफ टेलिकॉम कंपनियों के ARPU (एवरेज रेवेन्यू पर यूजर) पर काफी बुरा असर डाल रहे हैं।

इसी कारण हमने हाल ही में वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर को एक साथ मर्ज होते देखा था और कुछ एेसा ही एयरटेल और टाटा डोकोमो के साथ भी हुआ है। अब ARPUs को बढ़ाने के लिए टेलीकॉम इंडस्ट्री ने टॉप-अप रिचार्ज को खत्म कर मिनिमम कॉम्बो रिचार्ज प्लान को पेश किया है। आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन ड्यूल-सिम स्मार्टफोन होते हैं और एेसे में यूजर्स अपने सेकंडरी नंबर को केवल इनकमिंग कॉल्स के लिए रखते हैं और इनसे छह महीने में लगभग 10 रुपये का ARPU जनरेट करते हैं। टेलीकॉम एेसे यूजर्स से होने वाले कम ARPU को कंट्रोल करने के लिए मिनिमम रिचार्ज वैल्यू के साथ मंथली प्लान की तरफ अपना रुख कर रहे हैं।

क्या है मिनिमम मंथली रिचार्ज मॉडल?

दरअसल 2004 के समय में टेलीकॉम कंपनियों ने 999 रुपये के प्रीपेड प्लान को पेश किया था, जो यूजर को “लाइफटाइम फ्री इंकमिंग” देता था। अॉफर के तहत यूजर्स को केवल एक बार अमाउंट देना होता था, जिसके बाद यूजर मंथली रिचार्ज के झंझट से बच जाता था। यह प्लान उन यूजर्स के लिए बेहद अच्छा था जिन्हें केवल एक कनेक्शन चाहिए था और उन्हें डाटा यूसेज और आउटगोइंग कॉलिंग की जरुरत नहीं रहती थी। अगर यूजर को कॉलिंग करनी होती थी या SMS भेजना होता था तो उसे टॉकटाइम टॉप-अप करना होता था। नंबर को एक्टिवेट रखने के लिए यूजर को छह महीने यानी 180 दिनों में कम से कम 10 रुपये का रिचार्ज कराना होता था। अब सस्ते डाटा और लगभग फ्री आउटगोइंग कॉल्स के चलते कंपनियां इस मॉडल से रेवेन्यू नहीं बना पा रही है। यहीं कारण है कि अब यूजर के लिए मिनिमम मंथली प्लान वाला मॉडल पेश किया गया है।

ये हैं 100 रुपये के अंदर अाने वाले मिनिमम रिचार्ज प्लान

अच्छी बात यह है कि एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया और टाटा डोकोमो ने मिनिमम रिचार्ज कॉम्बो प्लान की कीमत को लगभग एक जैसा ही रखा है। इनमें सबसे सस्ता रिचार्ज प्लान 35 रुपये है। अगर आप अपना कनेक्शन एक्टिव रखना चाहते हैं तो आपको कम से कम 35 रुपये का रिचार्ज करना होगा। इस प्लान की वैलिडिटी 28 दिन होगी और आपको कनेक्शन को एक्टिव रखने के लिए हर 28 दिन के बाद 35 रुपये का रिचार्ज कराना होगा।

इस प्लान में आपको लगभग 26 रुपये का टॉकटाइम, 100MB डाटा और बेस टैरिफ के हिसाब से आउटगोइंग कॉल्स (लोकल और STD) सर्विस मिलेगी। टाटा डोकोमो 2.5 पैसा प्रति सेंकड की दर से कॉलिंग चार्ज लेता है। वहीं एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर 1 पैसा प्रति सेंकड या 60 पैसा प्रति मिनट की दर से कॉलिंग चार्ज लेते हैं।

अगला प्लान 65 रुपये है, जिसमें 55 रुपये का टॉकटाइम और 1 पैसा प्रति सेकंड के हिसाब से आउटगोइंग कॉल मिलती है। प्लान में 200MB डाटा भी मिलता है। आखिर में 95 रुपये का प्लान है, जो यूजर को 95 रुपये का फुल टॉकटाइम और 500MB डाटा देता है। इस प्लान में 30 पैसा प्रति मिनट की दर से कॉलिंग चार्ज लिया जाता है।

यहां ध्यान देने वाली सबसे जरूरी बात यह है कि 28 दिन की वैलिडिटी के बाद आपकी आउटगोइंग कॉल बंद कर दी जाएगी और अगर आप इसके बाद भी 15 दिनों तक कोई रिचार्ज नहीं करते तो आपकी इनकमिंग कॉल भी बंद कर दी जाएगी। हालांकि आपका कनेक्शन 90 दिनों के बाद ही बंद किया जाएगा। कुल मिला कर यूजर के पास रिचार्ज प्लान की 28 दिन की वैलिडिटी खत्म होने के बाद भी अपनी आउटगोइंग और इनकमिंग एक्टिवेट कराने के लिए 105 दिनों का वक्त होगा। 105 दिन पूरे होने के वक्त तक अगर आपके अकाउंट में कम से कम 20 रुपये हुए तो कंपनी उसे आपके अकाउंट से डिडक्ट कर आपको 30 दिनों का और वक्त देगी। इसके बाद आपके कनेक्शन को पूरी तरह से डीएक्टिवेट कर दिया जाएगा।

  • Published Date: November 26, 2018 7:26 PM IST