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इंफोसिस के पूर्व सीएफओ ने की नीलेकणि की सराहना

इंफोसिस के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी वी. बालाकृष्णन ने नये मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के लिए तार्किक वेतन तय कर पिछले निदेशक मंडल की गलतियां ठीक करने के लिए कंपनी के सह-संस्थापक नंदन निलेकणि की सराहना की।

  • Updated: February 15, 2022 4:56 PM IST
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सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी इंफोसिस के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) वी. बालाकृष्णन ने नये मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के लिए तार्किक वेतन तय कर पिछले निदेशक मंडल की गलतियां ठीक करने के लिए कंपनी के सह-संस्थापक नंदन निलेकणि की आज सराहना की। Also Read - अमेरिका में इंफोसिस खोलेगा एक और टेक हब

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बालाकृष्णन ने यहां पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि नंदन के नेतृत्व में निदेशक मंडल ने पिछली गलतियां ठीक की हैं। मौजूदा सीईओ सलिल पारेख का वेतनमान तार्किक दिख रहा है क्योंकि इसमें बड़ा हिस्सा परिवर्तनशील वेतन का है और यह लंबे समय तक पद पर बने रहने पर केंद्रित है।’’ बालाकृष्णन ने कहा कि निदेशक मंडल के लिए शीर्ष प्रबंधन के परिवर्तनशील वेतन को प्रदर्शन के पैमानों से स्पष्ट तौर पर जोड़ना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, ‘‘पैमाने बेहतर वृद्धि हासिल कर शेयरधारकों के बढ़ते मूल्य पर केंद्रित होने चाहिए। यदि निदेशक मंडल कुछ बदलाव करना चाहता है तो उसे यह पर्याप्त तर्कों के साथ शेयरधारकों के सामने स्पष्ट करना चाहिए।’’ Also Read - इन्फोसिस शेयरधारकों ने सलिल पारेख की सीईओ, एमडी पद पर नियुक्ति को मंजूरी दी

उन्होंने पिछले निदेशक मंडल द्वारा की गयी गलतियों को स्पष्ट करते हुए कहा, ‘‘ इंफोसिस के संस्थापकों द्वारा अपनाये गये मूल्यों व कार्य संस्कृति को (पिछले निदेशक मंडल द्वारा ) समझा नहीं गया जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उसका परिणाम वरिष्ठ प्रबंधन के भारी-भरकम वेतनमान और बाकी के संगठन से कटाव के रूप में सामने आया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पूर्व सीईओ विशाल सिक्का के वेतन में बिना स्पष्ट कारण के भारी वृद्धि कर दी गयी थी जबकि बाकी लोगों के वेतन में मामूली वृद्धि हुई थी।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2020 तक 20 अरब डॉलर के लक्ष्य को सीईओ के वेतनवृद्धि को उचित साबित करने के लिए इस्तेमाल किया गया।

बालाकृष्णन ने नारायणमूर्ति के विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि पूंजीवाद की अति समाज के बड़े हिस्से में इसकी स्वीकार्यता मुश्किल कर देगा। उन्होंने कहा, ‘‘सीईओ का वेतन इस तरह तार्किक रहना चाहिए कि वह शीर्ष प्रतिभाओं को आकर्षित भी करे और अन्य कंपनियों के समतुल्य भी रहे। इसमें कंपनी की अंदरूनी स्थिति भी परिलाक्षित होनी चाहिए वर्ना इसका संगठन के भीतर भी स्वीकारा जाना मुश्किल होगा।’’

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  • Published Date: January 8, 2018 8:00 AM IST
  • Updated Date: February 15, 2022 4:56 PM IST



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