comscore अब स्मार्टफोन के कैमरे से होगा Covid-19 टेस्ट? वैज्ञानिकों ने ढूंढा नया तरीका
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अब स्मार्टफोन के कैमरे से होगा Covid-19 टेस्ट? वैज्ञानिकों ने ढूंढा नया तरीका

लैब इक्विप्मेंट और स्मार्टफोन के अलावा इस Covid टेस्ट सिस्टम में Bacticount नाम का ऐप भी इस्तेमाल होगा, जो फोन के कैमरा की मदद से यूजर के सलाइवा (लार) में पैथजेन (pathogen) को डिटेक्ट करेगा।

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Image: Pixabay


Covid टेस्ट को लेकर लगभग हर देश में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को सुधारने की तरफ काम करते हुए सांता बारबरा में मौजूद कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के एक वैज्ञानिक समूह ने नया Covid टेस्टिंग मेथड ईजाद किया है, जो यूजर के स्मार्टफोन की मदद से काम करता है। इस वैज्ञानिक समूह का कहना है कि इनकी नई Covid परीक्षण प्रणाली की सटीकता PCR टेस्ट के बराबर है और इसके काम करने के लिए एक स्मार्टफोन, एक ऐप और केवल कुछ बुनियादी लैब उपकरण की जरूरत पड़ती है। आइए इस नए कोविड टेस्टिंग मेथड के बारे में जानते हैं। Also Read - Smartphone Buying Guide: फोन खरीदने से पहले ये 5 चीजें नहीं देखीं तो पक्का ठगे जाएंगे

स्मार्टफोन की मदद से Covid टेस्ट: smaRT-LAMP

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक समूह ने JAMA Network Open जर्नल में एक पेपर पब्लिश करके अपने नए Covid टेस्ट सिस्टम — smaRT-LAMP (Loop-mediated Isothermal Amplification) — के बारे में बताया। इसे आप यहां पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं। शोध दल का कहना है कि इनका पूरा सिस्टम $ 100 से कम में स्थापित किया जा सकता है। यह कीमत टेस्ट में इस्तेमाल होने वाले स्मार्टफोन की कीमत को नहीं शामिल करती। Also Read - How to Monitor and Control Data Usage in Smartphone: फोन की सेटिंग में करें ये मामूली बदलाव और बचाएं मोबाइल डेटा

लैब इक्विप्मेंट और स्मार्टफोन के अलावा इस सिस्टम में Bacticount नाम का ऐप भी इस्तेमाल होगा, जो फोन के कैमरा की मदद से यूजर के सलाइवा (लार) में पैथजेन (pathogen) को डिटेक्ट करेगा। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस सेटअप के साथ प्रत्येक परीक्षण की कीमत $7 प्रति पॉप होनी चाहिए। Also Read - How to Merge Duplicate Contact in Smartphone: फोन में एक नंबर है कई बार सेव? इस तरह पाएं छुटकारा

कैसे होता है यह Covid टेस्ट

जिस व्यक्ति को टेस्ट करना होगा, उसे अपनी लार को एक गर्म प्लेट के ऊपर मौजूद टेस्ट किट में लोड करना होगा, जिसे एक रिऐक्टिव सलूशन में गिराया जाता है। यह सलूशन वाइरल RNA को उभारने के लिए डिजाइन किया जाता है। इस प्रॉसेस को Loop-mediated Isothermal Amplification या LAMP कहते हैं। इसके बाद सैम्पल को एक कार्डबोर्ड बॉक्स में डाला जाता है, जिसमें ऊपर की तरफ LED लगी होती हैं।

Covid Test: University of California Santa Barbra

Covid Test: University of California Santa Barbra

इसके बाद, स्मार्टफोन कैमरा से बॉक्स के टॉप के जरिए सैम्पल को देखा जाता है। इस सलाइवा सैम्पल का रंग ही कोविड पॉजिटिव या नेगेटिव होने के बारे में जानकारी देता है। अगर सैम्पल में पैथजेन मौजूद होते हैं तो इसका रंग लाल चमकने लगता है। जितने ज्यादा पैथजेन मौजूद होंगे, उतनी जल्दी Bacticount ऐप चमक को रजिस्टर करेगा। सलाइवा सैम्पल के रंग बदलने की रफ्तार के आधार पर व्यक्ति के वायरल लोड का अनुमान लगाया जाता है।

क्या है दिक्कत

इस स्टडी का नकारात्मक पक्ष यह है कि Bacticount ऐप अभी केवल सैमसंग गैलेक्सी S9 स्मार्टफोन के साथ काम करता है। ऐसा इस डिवाइस के कैमरा कैलिब्रेशन की वजह से है, मगर भविष्य में यह ऐप और अधिक फोन के साथ कम्पैटिबल हो सकती है।

मगर इसके साथ ही यह पूरी स्टडी एक बहुत छोटे सैम्पल साइज पर आधारित है। इस स्टडी में 50 रोगी थे, जिनमें एसिम्प्टमैटिक मरीज भी शामिल थे। शोध दल के अनुसार, यह टेस्ट न केवल PCR टेस्ट के बराबर सटीक है बल्कि यह फ्लू जैसे नए COVID वेरिएंट का पता भी आसानी से लगा सकता है।

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  • Published Date: January 30, 2022 11:45 AM IST
  • Updated Date: January 30, 2022 11:59 AM IST



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