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Netflix व Amazon Prime के कंटेंट पर भारत में लग सकती है सेंसरशिप, कोर्ट ने सरकार से मांगी प्रतिक्रिया

इस मामले में अब 8 फरवरी को अगली सुनवाई होगी।

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नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम और हॉटस्टार पर भारत में सेंसरशिप लग सकती है। ओटीटी (ओवर द टॉप) बेस्ड इन सर्विसेस की सीरीज में दिखाए जाने वाले सीन्स को कट व ब्लर किया जा सकता है। दरअसल, एक एनजीओ ने इसके खिलाफ याचिका दायर की है। एनजीओ का कहना है कि इन सीरीज में कानूनी तौर पर प्रतिबंध कंटेंट को परेसा जाता है। शिकायत में कहा गया है कि नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम व हॉटस्टार के सीरीज में अनियमित, अनिश्चित, यौन स्पष्ट व अश्लील कंटेंट  को दर्शकों के सामने परोसा जाता है। इन ओटीटी बेस्ड सर्विस पर ऐसा कंटेंट दिखाया जा रहा है जो कानूनी तौर पर प्रतिबंधित है।

क्या है पूरा मामला
एनजीओ जस्टिस फॉर राइट फाउंडेशन ने नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम व हॉटस्टार के खिलाफ कोर्ट में याचिका डाली है। इसमें कहा गया है कि इनके सीरीज में दिखाये जाने वाले सीन्स में अश्लीलता होती है। यह याचिका दिल्ली हाई कोर्ट में डाली गई है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सरकार से मौजूदा दिशा-निर्देशों और कंटेंट विनियमन की नीतियों पर प्रतिक्रिया मांगी है।

सरकार से कोर्ट ने मांगी प्रतिक्रिया, 8 फरवरी को होगी सुनवाई
दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की बेंच ने हालांकि सरकार को कोई नोटिस इश्यू नहीं किया है। लेकिन, केंद्र सरकार से चार हफ्ते के भीतर नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम व हॉटस्टार पर वितरित होने वाले कंटेंट विनियमन की नीतियों व मौजूदा दिशा-निर्देशों पर प्रतिक्रिया मांगी है।  इस मामले में अब 8 फरवरी को अगली सुनवाई होगी।

याचिका दायर करने वाले वकील एचएस होरा का दावा है कि उन्होंने राइट ऑफ इंफॉर्मेशन एक्ट के तहत जो जानकारी मांगी थी उसमें  सरकार ने इस बात को स्वीकार किया था कि ऑनलाइन कंटेंट को रेगुलेट करने के लिए कोई पॉलिसी नहीं है। याचिका में सेक्रेड गेम्स, गेम्स ऑफ थ्रोन आदि सीरीज के कंटेंट को रेगुलेट करने की बात कही गई है।

  • Published Date: November 15, 2018 10:04 AM IST
  • Updated Date: November 15, 2018 10:05 AM IST