comscore नॉर्थ कोरिया हैकर्स की वजह से ISRO's Chandrayaan 2 हुआ फेल!
News

नॉर्थ कोरिया हैकर्स की वजह से ISRO's Chandrayaan 2 हुआ फेल!

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) जब चंद्रयान 2 में अंतरिक्ष यान के विक्रम को चंद्रमा पर उतारने की कोशिश कर रहा था, उस संगठन पर कथित तौर पर उत्तर कोरियाई हैकरों ने हमला किया था। Daily Mail की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इसरो उनके हमले के दौरान आने वाली पांच सरकारी एजेंसियों में से एक थी।

Chandrayaan 2

Photo credit: ISRO


भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) जब चंद्रयान 2 में अंतरिक्ष यान के विक्रम को चंद्रमा पर उतारने की कोशिश कर रहा था, उस संगठन पर कथित तौर पर उत्तर कोरियाई हैकरों ने हमला किया था। Daily Mail की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इसरो उनके हमले के दौरान आने वाली पांच सरकारी एजेंसियों में से एक थी। हालांकि, भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी के अधिकारियों ने इस बात से इनकार किया कि हमले ने चंद्रमा मिशन को प्रभावित किया।
कथित तौर पर ISRO के कर्मचारियों ने उत्तर कोरियाई स्पैमर से फिशिंग ईमेल खोलने के बाद गलती से अपने सिस्टम पर मैलवेयर स्थापित कर दिया। Financial Times की एक अन्य रिपोर्ट बताती है कि सितंबर में इसरो को हमले के बारे में सूचित किया गया था। Also Read - ISRO पांच मार्च को लॉन्च करेगा जियो इमेजिंग सैटेलाइट GSLV-F10

अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि यह हमला जाहिरा तौर पर DTrack का उपयोग करके किया गया था, अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि यह उत्तर कोरिया सरकार द्वारा नियंत्रित लाजर समूह से जुड़ा हुआ है। 18 भारतीय राज्यों में वित्तीय संस्थानों और अनुसंधान केंद्रों में साइबर सिक्योरिटी फर्म कैस्परस्की की एक रिपोर्ट में मालवेयर का पता चला है। ऐसा ही माना जाता है कि कुडनकुलम परमाणु संयंत्र भी ऐसे ही मालवेयर से प्रभावित हुआ था। Also Read - Xiaomi जल्द लॉन्च करेगी ISRO के नेविगेशन सिस्टम NaVIC सपोर्टेबल स्मार्टफोन

इससे पहले आपको बता दें कि भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के चंद्रयान 2 (Chandrayaan-2) के लेंडर विक्रम ने चंद्रमा पर हार्ड लैंडिंग की थी। यह दावा अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने किया था। अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अपने ‘लूनर रिकॉनिसंस ऑर्बिटर कैमरा’ से ली गईं उस क्षेत्र की ‘हाई रेजोल्यूशन’ तस्वीरें शुक्रवार को जारी कीं जहां भारत ने अपने महत्वाकांक्षी ‘चंद्रयान दो’ मिशन के तहत लैंडर विक्रम की ‘सॉफ्ट लैंडिग’ कराने की कोशिश की थी। नासा ने इन तस्वीरों के आधार पर बताया कि विक्रम की ‘हार्ड लैंडिंग’ हुई। Also Read - इस साल रूस के पहले अंतरिक्ष प्रक्षेपण में हुई देरी

दुनियाभर की लेटेस्ट tech news और reviews के साथ best recharge, पॉप्युलर मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव offers के लिए हमें फेसबुक, ट्विटर पर फॉलो करें।

  • Published Date: November 9, 2019 5:44 PM IST



new arrivals in india

Best Sellers