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शॉपिंग वेबसाइट्स पर फेक रिव्यू लिखने वालों की अब खैर नहीं, सरकार बना रही बड़ा प्लान

Fake Reviews on E-Commerce: ई-कॉमर्स वेबसाइट पर किसी भी प्रॉडक्ट या सर्विस के बारे में फेक रिव्यू लिखने वाले लोगों के खिलाफ अब सरकार काफी सख्त हो गई है। आज सरकार इस मामले में ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ एक मीटिंग कर रही है, जिसमें इसे रोकने के लिए प्लान्स बनाए जाएंगे।

Fake Review online

Image: E-commerce times


Fake Reviews on E-Commerce: अगर आप किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से सामान खरीदकर या बिना खरीदे उसके बारे में ई-कॉमर्स वेबसाइट (E-Commerce website) पर फेक यानी झूठे रिव्यू लिखते हैं तो अब सावधान हो जाइए क्योंकि अब सरकार की नजर हरेक लोगों के फेक रिव्यू पर है। Also Read - 5000mAh बैटरी, 8GB RAM,और 64MP कैमरा वाले OnePlus Nord CE 2 Lite 5G पर शानदार ऑफर्स, Amazon Sale पर मिल रहा तगड़ा Discount

भारत सरकार के उपभोक्ता मंत्रालय ने आज , शुक्रवार यानी 27 मई को भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (ASCI) के साथ मिलकर सभी बड़ी E-Commerce कंपनियों के साथ इस विषय पर एक मीटिंग करने वाले हैं। Also Read - 64MP कैमरा, 8GB तक RAM और 4250mAh बैटरी वाले Xiaomi 11 Lite NE 5G पर तगड़ा Discount, Amazon से सस्ते में खरीदने का मौका

फेक रिव्यू के खिलाफ सरकार सख्त

इस मीटिंग में सरकार ई-कॉमर्स कंपनियों से पूछेगी कि क्या उन्होंने फेक रिव्यू लिखने वालों के लिए कुछ किया। इस मीटिंग में सरकार फेक रिव्यू से पड़ने वाले सभी बुरे प्रभावों के बारे में कंपनियों के साथ चर्चा करेगी। Also Read - Top-5 Phones on Amazon Sale under 20,000: 6000mAh बैटरी, 108MP कैमरा, और 67W फास्ट चार्जिंग वाले इन 5 फोन पर मिल रहा भरपूर डिस्काउंट, जानें सभी ऑफर डिटेल्स

भारत सरकार के उपभोक्ता मंत्रालय ने इस विषय में कहा कि किसी भी सर्विस या प्रॉडक्ट का फेक रिव्यू यूजर्स को उन्हें खरीदने के लिए गुमराह करते हैं। मंत्रालय ने कहा कि उनकी इस मीटिंग का मकसद उपभोक्ता पर पड़ने वाले Fake Review के असर पर चर्चा करना, फेक रिव्यू का आकनल करना और इसे रोकने के प्लान्स पर चर्चा की जाएगी।

ई-कॉमर्स कंपनियों से मांगा जवाब

इस विषय में उपभोक्ता मामले के सचिव रोहित कुमार सिंह ने सभी पक्षों जैसे Amazon, फ्लिपकार्ट, टाटा संस, रिलायंस रिटेल जैसे तमाम ई-कॉमर्स वेबसाइट्स को एक पत्र लिखा है। उस पत्र में लिखा गया है कि, कंपनी ने कभी फेक रिव्यू से उपभोक्ता पर पड़ने वाले असर पर विचार किया है या नहीं।

क्या कंपनी कभी फेक रिव्यू का आकलन किया है, क्या कभी कंपनी ने देखा है कि यूजर्स ने रिव्यू लिखें हैं, वो सही है या नहीं। क्या कंपनी ने कभी ये आकलन किया है कि जो यूजर्स जिसका रिव्यू लिख रहे हैं, उसे उन्होंने खरीदा भी है या नहीं। सचिव ने पत्र में कहा है कि ऑनलाइन खरीदारी का चलन दिन-प्रतिदिन तेजी से बढ़ता जा रहा है।

रिव्यू पर भरोसा कर ग्राहक खरीदते हैं सामान

ग्राहक अब दुकानों में जाकर खरीदारी करने के बजाय ई-कॉमर्स वेबसाइट के जरिए घर-बैठे खरीदारी करना पसंद करते हैं। ऐसे में वो किसी भी प्रॉडक्ट या सर्विस को खुद फील नहीं कर पाते हैं, जैसा कि वो दुकान में करते हैं। ग्राहक प्रॉडक्ट की पिक्चर्स ही देख पाते हैं।

इसके अलावा ज्यादातर ग्राहक उस प्रॉडक्ट के लिए लोगों द्वारा किए गए रिव्यू को पढ़ते हैं और उसी पर भरोसा करके प्रॉडक्ट्स को खरीदते हैं। ऐसे में अगर रिव्यू झूठे यानी गलत हो तो ग्राहक का काफी नुकसान होता है। सरकार ने बताया कि Fake Review कंज्यूमर प्रोटेक्शन ऐक्ट 2019 के तहत दिए गए सूचना का अधिकार यानी Right to be Informed के नियम का उल्लंघन है और इसे रोकने के लिए कंपनियों को जल्द ही कोई ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

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  • Published Date: May 27, 2022 3:51 PM IST



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