comscore एसएमएस के जरिये पता लगाइये उत्पाद असली है या नकली | BGR India
News

एसएमएस के जरिये पता लगाइये उत्पाद असली है या नकली

अब आप सिर्फ एसएमएस भेजकर यह पता लगा सकते हैं कि उत्पाद असली है या नकली।

  • Updated: February 15, 2022 5:01 PM IST
sms-stock-image


बाजार में नकली उत्पादों से परेशान लोगों के लिये अच्छी खबर है। अब आप सिर्फ एसएमएस भेजकर यह पता लगा सकते हैं कि उत्पाद असली है या नकली। अमेरिकी कंपनी फार्मासेक्योर ने भारत समेत कुछ देशों में संबंधित कंपनियों के साथ मिलकर इस दिशा में पहल की है। शुरूआत में कंपनी ने यह सुविधा दवाओं के मामले में शुरू की थी। बाद में रोजमर्रा के उपयोग के सामान (एफएमसीजी), इलेक्ट्रानिक्स, सौंदर्य प्रसाधन जैसे उत्पादों के लिये यह सेवा शुरू की गयी। Also Read - IMEI रजिस्ट्रेशन का आया नया नियम, चोरी हुए फोन को ट्रैक करना होगा आसान

Also Read - इन दो देशों में यूजर्स मोबाइल फोन पर बिता रहे 6 घंटे से ज्यादा समय, भारतीय यूजर्स भी नहीं पीछे

इसके लिये कंपनी ने प्रोडक्टसेक्योर के नाम से एक अलग इकाई बनायी। कंपनी के अनुसार आप एसएमएस के अलावा मोबाइल एप भी पर उत्पाद का ‘बारकोड’ डालकर या वेबसाइट के जरिये यह पता लगा सकते हैं कि वस्तु असली है या नकली। Also Read - Google ने 'सुरीले' अंदाज में भेजा संदेश, Apple से कहा- iPhone पर शुरू करो यह 'फीचर'

फार्मासेक्योर के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी नकूल पसरीचा ने इस बारे में ‘भाषा’ से बातचीत में कहा, ‘‘भारत समेत पूरी दुनिया में नकली उत्पाद बढ़ रहे हैं। इससे न केवल ब्रांड की विश्वसनीयता और कंपनी की आय प्रभावित होती है, बल्कि सरकारों को करोडों रुपये के कर का भी नुकसान होता है। नकली उत्पाद लोगों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक है।

उन्होंने उद्योग मंडल फिक्की के एक अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि नकली उत्पादों के कारण भारत सरकार को लगभग 39,000 करोड रुपये के कर राजस्व का नुकसान होता है। एसएमएस अथवा एप के काम करने के तरीके के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया, ‘‘हम कंपनियों के साथ गठजोड़ कर उत्पाद के प्रत्येक बैच पर विशिष्ट कोड डालते हैं। इसके अलावा बैच संख्या, वस्तु के खराब (एक्सपायरी) होने की तारीख का भी उस पर जिक्र होता है। साथ ही हम उस पर फोन नंबर डालते हैं। ग्राहक संबंधित उत्पाद के कोड को टाइप कर अगर उस नंबर पर एसएमएस भेजता है तो उसके मोबाइल पर तुरंत संदेश आता है कि वह उत्पाद असली है या नकली।’’ पसरीचा ने कहा कि कंपनी जो भी जानकारी साझा करना चाहेगी, यानी अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी), ‘एक्सपायरी’ तारीख आदि समेत सभी जानकारी एसएमएस के जरिये ग्राहकों को मिल जाएगी।

यह पूछे जाने पर कि भारत में इसको लेकर किन—किन कंपनियों से गठजोड हुआ है, उन्होंने कहा कि फिलहाल तार और केबल बनाने वाली पालीकैब, औषधि कंपनी यूनिकेम तथा राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के साथ गठजोड हुआ है। इसके अलावा रोजमर्रा के उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों, टिकाऊ उपभोक्ता सामान, इलेक्ट्रानिक सामान तथा वाहनों के कल—पुर्जे बनाने वाली इकाइयों के साथ भी गठजोड़ के लिये बातचीत चल रही है।

  • Published Date: February 13, 2018 7:00 PM IST
  • Updated Date: February 15, 2022 5:01 PM IST

दुनियाभर की लेटेस्ट tech news और reviews के साथ best recharge, पॉप्युलर मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव offers के लिए हमें फेसबुक, ट्विटर पर फॉलो करें। Also follow us on  Facebook Messenger for latest updates.