comscore Google और Facebook पर दर्ज हुआ मुकदमा, मिलीभगत कर विज्ञापनदाताओं को धोखा देने का आरोप
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Google और Facebook पर दर्ज हुआ मुकदमा, मिलीभगत कर विज्ञापनदाताओं को धोखा देने का आरोप

Google और Facebook यानी Meta पर कुछ बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनके खिलाफ दायर मुकदमे में मिलीभगत कर हेराफेरी करने का आरोप लगाया गया है। आइए हम आपको इस मामले के बारे में विस्तार से बताते हैं।

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Image: Zee News


Google और Facebook पर आपस में मिलीभगत करके ऑनलाइन विज्ञापन बिक्री में हेराफेरी करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट और फेसबुक (जिसका नाम अब मेटा हो गया है) के खिलाफ मुकदमा काफी पहले दायर किया गया था लेकिन अब इस मामले में कुछ नए खुलासे सामने आए हैं। Also Read - Meta ने रिलीज की नई प्राइवेसी पॉलिसी, यूजर डेटा कलेक्ट करने को लेकर कही ये बात

Google और फेसबुक पर ये आरोप अमेरिका की स्टेट अटॉर्नी जनरल की ओर से दायर किए गए मुकदमे में लगाया गया है। एसोसिएटेड प्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुकदमा पिछले साल दिसंबर में दायर किया गया था, लेकिन अब नए अप्रमाणित दस्तावेज सामने आए हैं। Also Read - Google Pixel और Android फोन में आ रहा जबरदस्त हेल्थ फीचर! सोते हुए खांसी और खर्राटों पर रखेगा नजर

गूगल और फेसबुक पर लगे आरोप

नए डॉक्यूमेंट के आधार पर आरोप लगाया जा रहा है कि इस हेराफेरी के बारे में अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई और फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को पता था और उन्होंने इस पर अपने हस्ताक्षर भी किए थे। यह मुकदमा एक ईमेल थ्रेड की ओर इशारा करता है, जिसमें मार्क जुकरबर्ग को इस डील के बारे में फेसबुक के अन्य अधिकारियों के साथ बातचीत करते हुए पाया गया था। मुकदमे में यह भी दावा किया गया है कि सुंदर पिचाई ने खुद इस सौदे पर हस्ताक्षर किए थे। Also Read - 26 जुलाई से लागू होगी Meta की नई प्राइवेसी पॉलिसी, भारतीय यूजर्स को मिलेगी एक स्पेशल छूट

मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि फेसबुक के मुख्य परिचालन अधिकारी यानी चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, शेरिल सैंडबर्ग ने 2018 में कहा था कि “यह रणनीतिक रूप से एक बड़ी डील है”। शेरिल सैंडबर्ग के द्वारा ये बात उसी मेल थ्रेड में कही गई थी जिसमें मार्क जुकरबर्ग भी शामिल थे।

इस मुकदमे के अनुसार एक बार जब इस डील के लिए दोनों पक्ष राजी हो गए थे तो इसकी डील के लिए जिम्मेदार टीम ने मार्क जुकरबर्ग को सीधा एक ई-मेल भेजा था। एक बार जब दोनों पक्ष सौदे की शर्तों से सहमत होने में कामयाब हो गए, तो मुकदमे के अनुसार, जिम्मेदार टीम ने सीधे जुकरबर्ग को एक मेल भेजा।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, गूगल पर यह आरोप लगाया है कि उसने Facebook के साथ मिलकर प्रकाशकों और विज्ञापनों को सालों तक बिडिंग प्रोसेस में धोखा दिया है। कथित तौर पर इन कंपनियों के इंटरनल बिडिंग प्रोसेस में कुछ ऐसा सिक्रेट प्रोग्राम फिट है, जिससे सेल कम दिखाई देती है और उस वजह से विज्ञापनदाताओं को अपने-अपने विज्ञापन के बदले काफी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती है। इस वजह से उनका बार-बार काफी नुकसान होता है। इसका फायदा सीधे तौर पर गूगल और फेसबुक को होता है।

इसके अलावा गूगल पर आरोप लगे हैं कि इसमें हुए मुनाफे का यूज वो भविष्य में पूरे मार्केट में अपना राज कायम करने के लिए करता आ रहा है। अब मुकदमे में आरोप लगे हैं कि इसी हेराफेरी में गूगल ने फेसबुक के साथ मिलीभगत की है। गूगल ने अपनी ओर से इन सभी आरोप को गलत बताया है और कहा है कि जिन डॉक्यूमेंट्स की बात हो रही है, उसमें पूरी जानकारी शामिल नहीं है। बिडिंग प्रोसेस पूरी तरह से ट्रांसपेरेंट होता है।

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  • Published Date: January 16, 2022 7:03 PM IST



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