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Google Doodle Today: गूगल मना रहा जापान के 'फादर ऑफ जूडो' Kano Jigoro का जन्मदिन, बनाया कई स्लाइड का डूडल

आज का गूगल डूडल Kano Jigoro के लिए है। आज यानी 28 अक्टूबर को उनकी 161वीं जयंती है और इसे मनाने के लिए गूगल ने कुल 8 स्लाइड का एनिमेटेड गूगल बनाया है। आइये, जानें कौन हैं जिगोरो।

  • Published: October 28, 2021 10:53 AM IST
google doodle (1)

Google आज प्रोफेसर Kano Jigoro का जन्मदिन मना रहा है। जापान के ‘Father of Judo’ कहे जाने वाले जिगोरो के जन्मदिन पर गूगल ने उनका डूडल बनाकर उन्हें सम्मानित किया है। Also Read - भारतीय मूल के CEO के हाथ में है, Twitter, Google, Microsoft समेत इन 10 दिग्गज टेक कंपनियों की बागडोर

Google के अनुसार, आज का Google Doodle को लॉस एंजिल्स के आर्टिस्ट Cynthia Yuan Cheng ने प्रोफेसर जिगोरो की 161वीं जयंती मनाने के लिए इसे बनाया है। आइये, प्रोफेसर जिगोरो और आज के गूगल डूडल (Today Google Doodle) के बारे में विस्तार में जानते हैं। Also Read - 12MP कैमरा, OLED डिस्प्ले, 6GB RAM और 128GB स्टोरेज वाले Google Pixel 4a पर भारी डिस्काउंट, Flipkart Black Friday Sale में है ऑफर

Google Doodle Today: ऐसा है आज का गूगल डूडल

आज का Google Doodle बेहद खास है। जिगोरो की जंयती के अवसर पर कई स्लाइड में एनिमेटेड गूगल डूडल बनाया गया है। सभी स्लाइडों में जिगोरो के पूरे जीवन को दिखाया गया है। पहली स्लाइड में बीचों-बीच उनकी एक बड़ी फोटो दी गई है। उसके पास कराटे करते दो लोगों की फोटो और किताबों की फोटो के साथ-साथ 2 अन्य फोटो भी लगी हैं। दूसरी स्लाइड में कुछ लोगों बैठे हैं और दो लोगों को कराटे करते हुए देख रहे हैं। Also Read - Google Message में आया बड़ा बदलाव, एंड्रॉयड फोन में आएगा iPhone का मजा

तीसरी स्लाइड में कराटे के कुछ मूव दिखाए गए हैं। उसके आगे की स्लाइड भी इसी प्रकार कराटे से संबंधित हैं और उनमें दिखाया गया है कि जिगोरो किस प्रकार अपने छात्रों को मार्शल आर्ट में महारत हासिल करने के लिए विनम्रता और कड़ी मेहनत का मूल्य सिखाते थे। आज का गूगल डूडल (Google Doodle 28 October) कुल 8 स्लाइडों का है।

कौन थे Kano Jigoro?

कानो का जन्म सन 1860 में मिकेज में हुआ था। वे 11 साल की उम्र में अपने पिता के साथ टोक्यो चले गए थे। स्कूल में उनको ज्यादातर विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था। अपनी ताकत बढ़ाने के लिए उन्होंने Jujutsu की मार्शल आर्ट का अध्ययन करने का दृढ़ निश्चय किया। टोक्यो विश्वविद्यालय में एक छात्र के रूप में पढ़ाई करते समय आखिरकार उन्हें कोई ऐसा मिल गया, जिन्होंने उन्हें Jujutsu master and former samurai Fukuda Hachinosuke पढ़ाया।

जब जिगोरो ने अपने बहुत बड़े प्रतिद्वंद्वी को हराने के लिए Jujutsu स्पैरिंग मैच के दौरान एक पश्चिमी कुश्ती चाल का इस्तेमाल किया, तब मार्शल आर्ट Jujutsu से अलग हो गया। इससे पहले Jujutsu को कई खतरनाक तकनीकों को इसमें शामिल करने के लिए जाना जाता था।

सन 1882 में जिगोरो ने अपना एक मार्शल आर्ट जिम Dojo खोला, जिसका टोक्यो में कोडोकन जूडो संस्थान था। यहां वह वर्षों तक जूडो का विकास करते रहे। उन्होंने 1893 में महिलाओं को भी इस खेल में शामिल किया था। 1909 में कानो अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के पहले एशियाई सदस्य बने और 1960 में जूडो को आधिकारिक तौर पर एक ओलंपिक खेल के रूप में शामिल किया गया।

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  • Published Date: October 28, 2021 10:53 AM IST



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