comscore Google ने आज कमल रणदिवे के जन्मदिन पर बनाया डूडल, जानें इनकी उपलब्धियां
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Google Doodle Today: गूगल ने डॉ. कमल रणदिवे के जन्मदिन पर बनाया खास डूडल, जानें इनकी उपलब्धियां

गूगल ने आज डॉ. कमल रणदिवे के जन्मदिन पर खास डूडल बनाया है। कमल ने विज्ञान के क्षेत्र में अहम योगदान दिया है। उनके जीवन और उपलब्धियों के बारे में बिस्तार से जानने के लिए नीचे पढ़ें।

  • Published: November 8, 2021 11:07 AM IST
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Google Doodle Today: गूगल ने आज का डूडल सेल जीवविज्ञानी डॉ. कमल रणदिवे को समर्पित किया है। आज Dr Kamal Ranadive का जन्मदिन है और इस दिन को खास बनाने के लिए लिए गूगल ने Doodle बनाया है। इन्हें कैंसर के विशेष रिसर्च के लिए जाना जात है। Also Read - Google Play Store पर मौजूद ये Android Apps चुरा रहे आपके बैंक अकाउंट की डिटेल, तुरंत करें डिलीट

गूगल इनका 104वां जन्मिदन मना रहा है। आज का Google Doodle भारत के गेस्ट आर्टिस्ट इब्राहिम रयिन्ताकथ ने बनाया है। आज के डूडल में डॉ. रणदिवे एक माइक्रोस्कोप को देख रही हैं। आज इस आर्टिकल में हम उनकी उपलब्धियों और चिकित्सा के क्षेत्र में उनके योगदान के बारे में बात करेंगे। Also Read - भारतीय मूल के CEO के हाथ में है, Twitter, Google, Microsoft समेत इन 10 दिग्गज टेक कंपनियों की बागडोर

Google Doodle मना रहा कमल रणदिवे का जन्मदिन

कमल रणदिवे जीवन

कमल रणदिवे का जन्म 7 नवंबर, 1917 में पुणे में हुआ था। इनेक पिता का नाम दिनकर था, जो पुणे के फर्गसन कॉलेज में जीवविज्ञान के प्रोफेसर थे। वे उपने बच्चों खासकर अपनी बेटियों को अच्छी शिक्षा देना चाहते थे। कमल की शुरुआती पढ़ाई हुजूरपागा के गर्ल्स स्कूल में हुई थी। वे शुरू से ही पढ़ने में अच्छी थी और मन लगाकर पढ़ती थी। कमल के पिता चाहते थे कि वे मडिकल की पढ़ाई करें और उनकी शादी एक डॉक्टर से हो। हालांकि, उन्होंने जीवविज्ञान में BSc की। इसके बाद कमल ने पुणे के कृषि कॉलेज से पोस्ट ग्रेजुएशन की। उनकी शादी गणतिज्ञ जेटी रणदिवे से हुई। Also Read - 12MP कैमरा, OLED डिस्प्ले, 6GB RAM और 128GB स्टोरेज वाले Google Pixel 4a पर भारी डिस्काउंट, Flipkart Black Friday Sale में है ऑफर

डॉ. कमल का योगदान और उपलब्धियां

कमल भारतीय महिला वैज्ञानिक संघ (IWSA) की प्रमुख संस्थापक सदस्य भी थीं। इन्हें पद्मभूषण से भी सम्मानित किया था। डॉ. कमल ने 1949 में भारतीय कैंसर अनुसंधान केंद्र (ICRC) में एक शोधकर्ता के रूप में काम करते हुए कोशिका विज्ञान में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की। US में जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय में फेलोशिप के बाद कमल मुंबई आ गई। यहां उन्होंने देश की पहली टिशू कल्चर लैब की स्थापना की थी। इतना ही नहीं उन्होंने केंसर पर भी कई रिसर्च की। स्तन केंसर और आनुंवशिकता के बीच संबंध के बीच प्रस्ताव रखने वाली कमल पहली शख्स थीं। बाद में उनके अलावा और भी कई शोधकर्ताओं ने इसकी पुष्टि की। इसके अलावा दो महिला विज्ञान की शिक्षा को आगे बढ़ाना चाहती हैं, उन्हें प्रोत्साहित और समर्थन करने के लिए कमल और 11 सहयोगियों ने भारतीय महिला वैज्ञानिक संघ (IWSA) की स्थापना की थी।

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  • Published Date: November 8, 2021 11:07 AM IST



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