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Government Draft On Social Media: सोशल मीडिया पर लगेगी लगाम, सरकार ला रही नए नियम!

Government Draft On Social Media: सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और गलत खबरों को रोकने के लिए सरकार नए नियम ला सकती है। इस ड्राफ्ट में सोशल मीडिया, स्ट्रीमिंग और ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म समेत न्यूज संबंधित वेबसाइट्स के लिए नियम (Code Of Ethics) तय किए गए हैं।जानिए सरकार के नए नियमों में क्या होगा।

Whatsapp upcoming features

The Centre during the hearing stated that social media apps like WhatsApp cannot share data of users and that all user data must be protected.


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को लेकर सरकार नए नियम लाने की तैयारी में है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि केंद्र सरकार इस संबंध में एक ड्राफ्ट (Government Draft On Social Media) तैयार कर रही है। इस ड्राफ्ट में सोशल मीडिया, स्ट्रीमिंग और ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म समेत न्यूज संबंधित वेबसाइट्स के लिए नियम (Code Of Ethics) तय किए गए हैं। माइक्रो ब्लॉगिंग साइट Twitter के साथ चल रहे विवाद के बीच सरकार के इस नए ड्राफ्ट को लेकर खबर आई है। वहीं, पहले भी केंद्र सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नियमों के पालन की चेतावनी दे चुकी है। Also Read - Google और Facebook पर दर्ज हुआ मुकदमा, मिलीभगत कर विज्ञापनदाताओं को धोखा देने का आरोप

NDTV की रिपोर्ट में इस ड्राफ्ट (Government Draft On Social Media) के बारे में दावा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नए नियम के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को एक चीफ कंप्लायंस ऑफिसर की नियुक्ति की करनी होगी। यह अधिकारी 24 घंटे लॉ-इंफोर्समेंट (कानून प्रवर्तन) एजेंसियों के निदेर्शों का जवाब देगा और इसकी रेगुलर रिपोर्ट भी सब्मिट करेगा। Also Read - Facebook पर ब्रिटेन ने लिया बड़ा एक्शन, 44 मिलियन यूजर्स का पर्सनल डेटा यूज करने का लगा आरोप

क्या होंगे इस ड्राफ्ट (Government Draft On Social Media) में नियम?

सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकार निरीक्षण तंत्र और एक शिकायत निवारण तंत्र पोर्टल भी लाएगी। इसे सरकार डेवलप करेगी, जो पब्लिशर्स और सेल्फ रेगुलेशन बॉडीज द्वारा कोड ऑफ एथिक्स के पालन को कॉर्डिनेट करेगा। रिपोर्ट के मुताबिक एक सेक्रेटरी रैंक के अधिकारी को किसी भी इमरजेंसी में एक्शन लेने की पावर दी जाएगी और वह अधिकारी संबंधित पब्लिशर या व्यक्ति को 48 घंटे के अंदर कमेटी के सामने प्रस्तुत करेगा। Also Read - 5 राज्यों के चुनाव के लिए Twitter ने की धांसू तैयारी, यूजर्स को मिलेगी इलेक्शन की रियल टाइम डिटेल्स

इस ड्राफ्ट का उद्देश्य सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और फेक न्यूज को रोकना या कम करना है। हालांकि, अभी तक इस ड्राफ्ट में किसी सजा का प्रावधान नहीं है। साइट के पास ऐसे कंटेंट को हटाने के लिए 36 घंटे का मौका होगा। ऐसा ना करने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

रविशंकर प्रसाद दे चुके हैं चेतावनी

आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सऐप और लिंक्डइन जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि अगर सोशल मीडिया का इस्तेमाल भारत में झूठी खबरें फैलाने और हिंसा या वैमनस्य को बढ़ावा देने में किया जाता है, तो उनके खिलाफ सख्ती की जाएगी।

प्रसाद ने राज्यसभा में सवालों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार सोशल मीडिया का सम्मान करती है और इस मंच से लोग अधिकार संपन्न हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम में सोशल मीडिया की अहम भूमिका रही है। प्रसाद ने कहा कि सरकार आलोचना के अधिकार का भी सम्मान करती है लेकिन ऐसे प्लेटफॉर्म्स को देश के संविधान तथा कानूनों का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि अगर सोशल मीडिया के जरिए चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है तो चुनाव आयोग के अलावा सरकार भी कार्रवाई करेगी।

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  • Published Date: February 12, 2021 11:11 AM IST



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