comscore Vi में Vodafone और Idea से ज्यादा अब भारत सरकार की हिस्सेदारी, जानें पूरा मामला
News

Vi में Vodafone और Idea से ज्यादा अब भारत सरकार की होगी हिस्सेदारी, जानें पूरा मामला

Vi ब्रिटिश टेलीकॉम ग्रुप Vodafone और Aditya Birla Group की टेलीकॉम सब्सिडियरी Idea का ज्वाइंट वेंचर है। कंपनी पर 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया था, जिसमें से 58,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम सिर्फ AGR की थी।

Vi-vodafone-idea (1)

(Representational Image)


Vodafone Idea (Vi) ने मंगलवार, 11 जनवरी को ऐलान किया कि यह एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यु (AGR), स्पेक्ट्रम नीलामी की किश्तों और ब्याज का भुगतान भारत सरकार को इक्विटी में करेगी। इस पेमेंट के बाद कंपनी में सरकार की 35.8 प्रतिशत हिस्सेदारी हो जाएगी। कंपनी बोर्ड के अनुसार यह फैसला भारत के तीसरे सबसे बड़े टेलिकॉम ऑपरेटर को ढहने से बचाने में मदद करेगा। Also Read - Vodafone Idea के किन प्रीपेड पैक्स में मिल रहा Disney+ Hotstar सब्सक्रिप्शन? यहां दूर करें कंफ्यूजन

कितना बकाया था Vi पर?

Vi ब्रिटिश टेलीकॉम ग्रुप Vodafone और Aditya Birla Group की टेलीकॉम सब्सिडियरी Idea का ज्वाइंट वेंचर है। कंपनी पर 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया था, जिसमें से 58,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम सिर्फ AGR की थी। Also Read - Vodafone Idea वापस लाया खास प्रीपेड रिचार्ज प्लान, इन यूजर्स को मिल रहा डिस्काउंट

कंपनी लम्बे वक्त से इन्वेस्टर की तलाश में थी। भारत सरकार ने कंपनी को इस रकम को चुकाने के लिए इक्विटी का ऑप्शन दिया, जिसे कंपनी बोर्ड ने मान लिया है। इस फैसले के बाद Vodafone Idea के शेयरों में 20.88 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद इसके शेयर की कीमत 11.75 रुपये पर आ गई है। Also Read - BSNL के सामने फीके पड़े Vodafone, Airtel, Jio के 1.5GB डेली डेटा वाले प्रीपेड प्लान्स, जानें फर्क

Bharti Airtel पर भी भारत सरकार का बकाया है, मगर इस ऑपरेटर ने कहा है कि वह स्पेक्ट्रम और इसके ब्याज से संबंधित भुगतान को इक्विटी में परिवर्तित नहीं करेगी।

Vodafone Idea (Vi) में अब किसकी कितनी हिस्सेदारी

Vodafone Idea (Vi) ने भारत सरकार को 10 रुपये की वैल्यू पर शेयर दिए हैं। इक्विटी पेमेंट के बाद Department of Telecommunication (DoT) कंपनी का सबसे बड़ा शेयर होल्डर बन गया है। भारत सरकार की हिस्सेदारी Vi में 35.8 प्रतिशत है, जो कंपनी के बाकी शेयर होल्डर से कहीं ज्यादा है।

इक्विटी भुगतान के बाद, टेलिकॉम कंपनी में Vodafone Group की हिस्सेदारी घटकर 28.5 प्रतिशत रह जाएगी और Aditya Birla Group की हिस्सेदारी कम होकर 17.8 प्रतिशत रह जाएगी। मगर इसके बाद भी भारत सरकार Vi के लिए कार्यकारी निर्णय नहीं ले सकती।

एक दूसरे रेजलूशन में कंपनी के मौजूदा प्रोमोटर्स ने फैसला लिया है कि शेयरहोल्डर अग्रीमेंट को बदला जाएगा और मिनिमम क्वालीफाइंग शेयरहोल्डिंग को 21 प्रतिशत से घटाकर 13 प्रतिशत कर दिया जाएगा। इसका मतलब है कि आगे भी Vodafone Group और Aditya Birla Group ही कंपनी के लिए बड़े निर्णय लेते रहेंगे। सरकार सबसे बड़ी शेयरहोल्डर रहेगी, मगर इसके पास कार्यकारी अधिकार नहीं होंगे।

दुनियाभर की लेटेस्ट tech news और reviews के साथ best recharge, पॉप्युलर मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव offers के लिए हमें फेसबुक, ट्विटर पर फॉलो करें। Also follow us on  Facebook Messenger for latest updates.

  • Published Date: January 11, 2022 9:24 PM IST
  • Updated Date: January 11, 2022 9:28 PM IST



new arrivals in india

Best Sellers