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2018 में सरकार द्वारा सबसे ज्यादा बार बंद किया गया है इंटरनेट

गुरूवार को आई “Freedom on the Net 2018” की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत पिछले साल के 41 स्कोर के मुकाबले इस साल 2 पायदान नीचे 43 पर आ गया है।

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भारत में सरकारी अॉथोरिटीज के द्वारा साल 2018 में सबसे ज्यादा बार इंटरनेट शटडाउट किया गया है। दिल्ली में बेस्ड एक सॉफ्टवेयर फ्रीडम लॉ सेंटर के ‘Internetshutdowntracker’ के द्वारा इकट्ठा किए गए डाटा के मुताबिक, साल 2018 में आज की तारीख तक सरकार के द्वारा किए अनुरोध पर इंटरनेट को पूरे 121 बार शटडाउन(बंद) किया गया है। डाटा से यह पता चलता है कि भारत में इंटरनेट फ्रीडम को किस कदर सरकार द्वारा नियंत्रित किया जाता है।

गुरूवार को आई “Freedom on the Net 2018” की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत पिछले साल के 41 स्कोर के मुकाबले इस साल 2 पायदान नीचे 43 पर आ गया है। रिपोर्ट में जितना ज्यादा स्कोर होता है उस देश में इंटरनेट में फ्रीडम(आजादी) उतनी कम होती है। इंडिया इस साल ‘Partially Free’ केटेगरी में आ गया है। इस गिरावट की वजह सरकार द्वारा कई बार किए गए इंटरनेट शटडाउन हैं।

भारत में सरकार एेसा दंगों को रोकने के लिए या नफरत भरे मैसेज और खबरों के वायरल ना होने के लिए करती है। यहां तक की एक्जाम में चीटिंग को रोकने के लिए भी कई बार इंटरनेट शटडाउंन किया जाता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि “तमिल नाडु में एक वायरल हुई वीडियो में एक बच्चे को किडनेप(अगवा) करते हुए देखा गया था और यह वीडियो व्हाट्सएप में वायरल हो गई थी। व्हाट्सएप में वायरल हुई इस वीडियो में एक मैसेज भी दिया गया था, जिसमें लिखा था कि ‘कुछ किडनेपर शहर में बच्चों को अगवा करने के लिए घूम रहे हैं।’ यह वीडियो असल में पाकिस्तान की थी जिसमें बच्चों की किडनेपिंग के खिलाफ एक मैसेज दिया गया था।”

इस तरह के घटनाओं के कारण सरकार को मजबूरन इंटरनेट शटडाउन करना पड़ता है। रिपोर्ट के मुताबिक देश में 2016 और 2017 के बीच इंटरनेट शटडाउन की घटना 31 से बढ़ कर 79 हो गई थी। 2018 में यह घटना 121 हो गई थी।

  • Published Date: November 2, 2018 6:02 PM IST