comscore रूस खुद को ग्लोबल इंटरनेट से कर रहा अलग? जानें क्या है पूरा मामला
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रूस खुद को ग्लोबल इंटरनेट से कर रहा अलग? जानें क्या है पूरा मामला

हाल ही में यूक्रेन ने ICANN को एक लेटर लिखा कि वे रूस को इंटरनेट डोमेन रेजिस्ट्री सिस्टम से हटा दें, लेकिन एजेन्सी ने रूसी नागरिकों के ऊपर इसके प्रभाव का हवाला देते हुए इस रिक्वेस्ट को माना कर दिया।

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रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला करने के बाद वेस्टर्न कंपनियों और सरकारों ने इस देश पर ढेरों प्रतिबंध लगा दिए हैं। फेसबुक-ट्विटर जैसे सोशल प्लैटफॉर्म से लेकर नेटफ्लिक्स और गेमिंग कंपनियों ने भी रूस में अपनी सर्विस रोक दी हैं। देश में इंटरनेट के हालात पहले ही काफी अलग हो गए थे और फिर खबर आने लगीं कि रूस खुद को ग्लोबल इंटरनेट से कट करने का प्लान कर रहा है। Also Read - अलर्ट! 10 में से 4 मोबाइल फोन पर साइबर अटैक का खतरा, जानें कैसे बचें

रूस की सरकार ने मीडिया को बताया कि रूसी वेबसाइट्स पर लगातार साइबर-अटैक हो रहे हैं और ये खुद को हर तरह के हालात में बचाने की कोशिश कर रहे हैं। इन्होंने कहा कि देश के अंदर से इंटरनेट को काटने का कोई प्लान नहीं है। Also Read - VLC मीडिया प्लेयर के सहारे चीनी हैकर कर रहे हैं मालवेयर अटैक, जानें कैसे रहें सेफ

क्या है पूरा मामला?

NextaTV के मुताबिक, रूस ने ग्लोबल इंटरनेट से खुद को काटने की तैयारी शुरू कर दी है। इसका कहना है कि 11 मार्च से सभी सर्वर और डोमेन रूसी जोन में ट्रांसफर किए जाएंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, इस वक्त रूस वेबसाइट्स के नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर का डेटा कलेक्ट कर रहा है। NextaTV ने कथित तौर पर रूसी डिजिटल विकास मंत्रालय द्वारा जारी किए गए दस्तावेजों के हवाले से यह खबर दी है। Also Read - Russia-Ukraine War: Intel ने रूस और बेलारूस में अपने बिजनेस पर लगाया फुल स्टॉप

दस्तावेज के हिसाब से रूस ने वेबसाइट्स को 11 मार्च से रूसी डोमेन नेम सिस्टम (DNS) इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है। DNS एक फोनबुक की तरह है, जो वेब ऐड्रेस को उसके न्यूमेरिकल IP ऐड्रेस से जोड़ता है। मौजूदा वक्त पर ग्लोबल DNS को Internet Corporation for Assigned Names and Numbers (ICANN) संभालता है, जो अमेरिका में स्थित एक नॉन-प्रॉफिट ऑर्गनायजेशन है।

हाल ही में यूक्रेन ने ICANN को एक लेटर लिखा कि वे रूस को इंटरनेट डोमेन रेजिस्ट्री सिस्टम से हटा दें, लेकिन एजेन्सी ने रूसी नागरिकों के ऊपर इसके प्रभाव का हवाला देते हुए इस रिक्वेस्ट को माना कर दिया।

रूसी अथॉरिटीज का कहना है कि ये सरकारी वेबसाइट्स और ऑनलाइन पोर्टल्स को साइबर अटैक से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसा करने के लिए रूसी अथॉरिटीज वेबसाइट्स को रूसी होस्टिंग फर्म पर माइग्रेट कर रही हैं। इसके साथ ही ये फेसबुक और गूगल द्वारा लिखे गए ट्रैकिंग कोड समेत किसी भी पश्चिमी कंपनी द्वारा लिखे गए जावा स्क्रिप्ट को हटाना चाहते हैं।

नए दस्तावेजों से पता चलता है कि रूस अपने बुनियादी ढांचे को जल्द से जल्द केवल रूसी सर्वरों और सेवाओं में ट्रांसफर करना चाहता है। यह उपाय रूसी साइटों को साइबर हमले से बचा सकता है, लेकिन यह रूसी सरकार को देश के इंटरनेट को ग्लोबल इंटरनेट से अलग करने की ताकत भी दे देगा।

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  • Published Date: March 9, 2022 4:43 PM IST
  • Updated Date: March 9, 2022 6:03 PM IST



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