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मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी- ऐसे पहचानें आपका बच्चा तो नहीं है जानलेवा गेम 'मोमो' का शिकार

मिनिस्ट्री ने इस घातक खेल से बच्चों को दूर रखने की सलाह दी है।

Momo-challenge

मोमो चैलेंज को लेकर इंफॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री ने एडवाइजरी जारी की है। मिनिस्ट्री ने इस घातक खेल से बच्चों को दूर रखने की सलाह दी है। मंत्रालय ने अभिभावकों को इसके लिए परामर्श जारी किया है। बता दें कि मोमो चैलेंज में बच्चों  को हिंसक गतिविधियां करने के लिए उकसाया जाता है।

क्या कहना है मंत्रालय का
मोमो चैलेंज के तहत बच्चों व इसे खेलने वाले खिलाड़ियों को हिंसक गतिविधियों के लिए बहकाया जाता है। इस खेल के आखिर में आत्महत्या की चुनौती दी जाती है। मंत्रालय का कहना है कि मोमो चैलेंज में विभिन्न प्रकार की हिंसक चुनौतियां शामिल हैं। ये हिंसक गतिविधियां खेल के बढ़ते जाने के साथ ही ज्यादा खतरनाक हो जाती हैं और आखिर में बच्चों को आत्महत्या के लिए मजबूर करके यह गेम खत्म होता है।

कैसे मिलता है मैमो गेम में चैलेंज
मोमो चैलेंज में चुनौती व्हॉट्सएप के जरिए मिलती है। इसी के जरिए यह खेल प्रसारित हो रहा है। बता दें कि कुछ वक्त पहले ऐसे ही ब्लू व्हेल चैलेंज भी आया था। इस गेम में भी बच्चों को आत्महत्या के लिए उकसाया जाता था।

ऐसे पहचानें आपका बच्चा तो नहीं है मोमो का शिकार!
मंत्रालय ने अभिभावकों से बच्चों के असमान्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कहा है। आईटी मिनिस्ट्री का कहना है कि अभिभावक समाज से कटे रहने वाले, खराब मनोदशा वाले, अचानक गुस्सा और नियमित गतिविधियों में कम दिलचस्पी रखने वालों बच्चों की असामान्य गतिविधियों एवं लक्षणों पर नजर रखें।

इस एडवाइजी में कहा गया है कि अगर आपके बच्चे के शरीर पर घाव व कटे का निशान हो तो इसे चेतावनी के तौर पर लें।परामर्श में बच्चों के साथ संवाद स्थापित करने की सलाह दी गई है। अभिभावकों को बच्चों की ऑनलाइन एवं सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

  • Published Date: August 31, 2018 11:13 AM IST
  • Updated Date: August 31, 2018 11:16 AM IST