comscore सावधान! ब्लैकमेलिंग के लिए प्रति घंटे 30 हजार मेल भेज रहा मेलवेयर
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सावधान! ब्लैकमेलिंग के लिए प्रति घंटे 30 हजार मेल भेज रहा मेलवेयर

लोगों के ईमेल की जानकारी प्राप्त करने के बाद एक मेलवेयर प्रतिघंटा तीस हजार मेल ऐसे भेज रहा है जिनमें निर्दोष लोगों को यह बोलकर ब्लैकमेल किया जाता है कि वेबकैम के माध्यम से लिए गए उनके सेक्सुअल कंटेंट को वायरल किया जा सकता है। अब तक 2.7 करोड़ ऐसे मेल भेज जा चुके हैं।

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लोगों के ईमेल की जानकारी प्राप्त करने के बाद एक मेलवेयर प्रतिघंटा तीस हजार मेल ऐसे भेज रहा है जिनमें निर्दोष लोगों को यह बोलकर ब्लैकमेल किया जाता है कि वेबकैम के माध्यम से लिए गए उनके सेक्सुअल कंटेंट को वायरल किया जा सकता है। अब तक 2.7 करोड़ ऐसे मेल भेज जा चुके हैं। ग्लोबल साइबरसिक्योरिटी कंपनी चेक पॉइंट ने पांच महीने रिसर्च करने के बाद गुरुवार को कहा कि उसने फोरपीक्स (उर्फ ट्रिक) बॉटनेट का खुलासा किया है जो सेक्स के नाम पर ब्लैकमेल करने वाले 30,000 मेल प्रतिघंटे सेंड कर रहा है।

कंपनी ने कहा, “पिछले पांच महीनों के दौरान हमने इस पर निगरानी रखी, और हमने 11 बीटीसी को फोरपीक्स सेक्सटोर्सन (सेक्स के नाम पर ब्लैकमेल करना) के खातों में अब तक 1,10,000 डॉलर का लेनदेन पाया है।” कंपनी ने कहा कि ईमेल की गति और उनकी मात्रा चौंका देने वाली है।

शोधकर्ता गिल मानशारोव और एलेक्सी बुख्तेयेव ने कहा, “इसके पीछे साधारण योजना है। रिसीपेंट से संबंधित सेक्सुअल कंटेट को वायरल करने की धमकी देकर रुपये मांगे जाते हैं।” फोरपीक्स लगभग एक दशक से सक्रिय है और वर्तमान में लगभग 4,50,000 इनफेक्टेड होस्ट्स संचालित करता है।

डेली 40% Email को अनदेखा करते हैं ज्यादातर एंप्लॉयीज

प्रतिदिन प्रत्येक कर्मचारी को औसतन 180 ईमेल आते हैं, जिसमें करीब 40 प्रतिशत ईमेल को वे अनदेखा करते हैं। वहीं महिला या पुरुष कर्मचारी केवल 16 प्रतिशत ई-मेल का ही जवाब देते हैं। एक ताजा रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। ईमेल सहयोग समाधान प्रदाता हाइवर के अनुसार, इस रिपोर्ट में कार्यस्थल पर ईमेल के आदान-प्रदान के व्यापक दुरुपयोग के बारे में बताया गया है कि किस तरह ईमेल इनबॉक्स अव्यवस्थित होता है।

हाइवर के सह-संस्थापक और सीईओ नीरज राउत ने कहा, “स्पष्ट रूप से ईमेल बातचीत करने का एक लोकप्रिय और आवश्यक जरिया है, लेकिन हाइवर स्टेट ऑफ ईमेल रिपोर्ट से यह निष्कर्ष निकाला गया है कि ईमेल की अव्यवस्था को देखते हुए इसमें महत्वपूर्ण फेरबदल की आवश्यकता है।”

(इनपुट आईएएनएस हिंदी से भी)
  • Published Date: October 18, 2019 4:28 PM IST