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Meta बंद करेगा नस्ल-धर्म के आधार पर ऐड-टार्गेटिंग; जानें क्या होगा Facebook, Instagram पर असर

Mudd ने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, "इन विस्तृत लक्ष्यीकरण विकल्पों को हटाने का निर्णय आसान नहीं था और हम जानते हैं कि यह परिवर्तन कुछ व्यवसायों और संगठनों को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।"

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(Representational Image)


सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म Facebook की पैरेंट कंपनी Meta ने मंगलवार को कहा कि अब यह अपने यूजर्स पर नस्ल, धर्म, सेहत और राजनीतिक संबद्धता जैसे “संवेदनशील” विषयों के आधार पर विज्ञापनों को टारगेट करना बंद कर देगा। Also Read - Instagram पर अब अपनी स्टोरी में ऐड कर सकते हैं कस्टमाइज Link Sticker, जानें कैसे

फेसबुक के पास अपने यूजर्स की रूचि के बारे में मौजूद जानकारी विज्ञापनदाताओं के बहुत काम आती है, क्योंकि इसकी मदद से ये अपनी टार्गेट ऑडियंस तक आसानी से पहुंच पाते हैं। इस जानकारी को फेसबुक के इतने बड़े ऐड-बिजनेस मॉडल का ईंधन भी कहा जा सकता है। मगर यह जानकारी किसी खास ग्रुप को प्रभावित या बहिष्कृत करने के भी काम आ सकती है। कंपनी ने अपने ब्लॉग पोस्ट में इसी का हवाला देते हुए ‘सेंसिटिव’ ऐड-टार्गेटिंग को बंद करने के फैसले के बारे में बताया है। Also Read - Instagram ने लॉन्च किया Take a Break फीचर, सेट कर पाएंगे रिमाइंडर

Meta बंद करेगी ‘सेंसिटिव’ ऐड-टार्गेटिंग

Meta के ऐड प्रोडक्ट मार्केटिंग के Vice President Graham Mudd ने लिखा कि यह बदलाव लोगों की वास्तविक विशेषताओं पर आधारित नहीं था, बल्कि इस बात पर आधारित था कि उपयोगकर्ता कंपनी के प्लेटफॉर्म पर सामग्री के साथ कैसे इंटरैक्ट करते हैं। Also Read - Facebook Messenger का Soundmojis फीचर है कमाल, जानें कैसे करें इसका यूज

इन्होंने बताया कि 19 जनवरी से, Meta परिवार के ऐप्स विज्ञापनदाताओं को स्वास्थ्य, नस्ल, जातीयता, राजनीतिक संबद्धता, या यौन अभिविन्यास से संबंधित कारणों, संगठनों या सार्वजनिक आंकड़ों में उनकी रुचि के आधार पर लोगों को लक्षित करने का विकल्प नहीं देंगे। इसके उदाहरणों में लंग कैंसर के प्रति जागरूकता, समलैंगिक विवाह, कैथोलिक चर्च, यहूदी छुट्टियां और राजनीतिक विश्वास जैसी चीजें शामिल हैं।

ऐड-टार्गेटिंग से हुए हैं पहले कई नुकसान

AFP ने लिखा कि फेसबुक पर विज्ञापन लक्ष्यीकरण के हाई-प्रोफाइल मिसफायर में तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के समर्थकों द्वारा US कैपिटल पर धावा बोलना शामिल है। अमेरिकी आवास अधिकारियों ने भी 2019 में फेसबुक पर आरोप लगाया था कि इन्होंने मकान मालिक और ब्रोकर्स को यह सुविधा दी कि ये अपने प्रॉपर्टी ऐड्स को “रंग के लोगों, बच्चों, महिलाओं, विकलांग लोगों” के सामने पेश न करें।

Facebook, Instagram पर ऐड-टार्गेटिंग हटने के नुकसान

Meta के ऐप्स (Facebook, Instagram) में इस तरह की ऐड-टार्गेटिंग के हटने के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि इस कदम से चंदा जमा करने वाले नॉन-प्रॉफिट ग्रुप्स और कस्टमर तक पहुंचने की कोशिश करने वाले छोटे बिजनेस सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।

Mudd ने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, “इन विस्तृत लक्ष्यीकरण विकल्पों को हटाने का निर्णय आसान नहीं था और हम जानते हैं कि यह परिवर्तन कुछ व्यवसायों और संगठनों को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।”

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  • Published Date: November 10, 2021 1:49 PM IST



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