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Microsoft ने Bing से रिमूव किए फेक एड

इन फेक विज्ञापनों की वजह से दुर्भावनापूर्ण क्रोम डाउनलोड लिंक सर्व्ड हो रहे थे।

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माइक्रोसॉफ्ट ने विंग से फेक एड को रिमूव किया है। इन फेक विज्ञापनों की वजह से दुर्भावनापूर्ण क्रोम डाउनलोड लिंक सर्व्ड हो रहे थे। विंग, माइक्रोसॉफ्ट का इन-हाउस सर्च इंजन है। अब इस सर्च इंजन में फेक एडवरटाइजमेंट की समस्या नहीं होगी। बता दें कि विंग में पिछले कुछ सालों से फेक एड की तादाद बढ़ गई थी।

उन लोगों को सबसे ज्यादा समस्या होती थी जो पहली बार विंग में गूगल क्रोम डाउनलोड करने के लिए सर्च करते थे। ऐसे में कई फेक लिंक खुल जाते थे और उनकी वजह से वायरस की समस्या भी पैदा हो जाती थी। जो यूजर्स विंग में अपना नया ब्राउजर खोलने के लिए गूगल क्रोम डाउनलोड करने की सोचते थे, उनको फेक एड की वजह से काफी परेशानी होती थी।

ये सभी डाउनलोड पेज दिखने में तो गूगल क्रोम की तरह होते थे, लेकिन ये नकली होते थे। अब यूजर्स को इस समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। ये विज्ञापन, यूजर्स को कई बार ऐसी वेबसाइट्स तक पहुंचा देते थे जिसकी वजह से उनका सिस्टम क्रप्ट तक हो जाता था। या तो फिर वायरस की चपेट में आ जाता था। माइक्रोसॉफ्ट ने इन विज्ञापनदाताओं को ब्लॉक करने की जगह फेक लिंक को हटाया है। कंपनी ने बयान जारी कर कहा है कि वो कस्टमर्स को दुर्भावनापूर्ण कंटेंट  से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • Published Date: October 30, 2018 2:45 PM IST
  • Updated Date: October 30, 2018 2:47 PM IST