comscore मोबाइल टावरों के लिए डॉट के नियमों के साथ तालमेल नहीं बैठा रहे हैं राज्य : टीएआईपीए | BGR India
News

मोबाइल टावरों के लिए डॉट के नियमों के साथ तालमेल नहीं बैठा रहे हैं राज्य : टीएआईपीए

इनके अलावा कोई अन्य दूरसंचार ढांचे के लिए अपने मार्ग के अधिकार के नियमों का दूरसंचार विभाग के नियमों के साथ तालमेल नहीं बैठा पाए हैं।

  • Updated: February 15, 2022 4:57 PM IST
mobile-towers

दूरसंचार कंपनियों को राज्यों में मोबाइल टावर लगाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह राज्यों द्वारा उन पर लगाए गए कड़े नियम हैं। राज्यों द्वारा अभी भी मोबाइल टावर के संदर्भ में दूरसंचार विभाग के नियमों के साथ तालमेल नहीं बैठाया गया है। Also Read - मेघालय के दूर-दराज के इलाकों में लगेंगे 2जी व 4जी मोबाइल टावर, सरकार ने दी मंजूरी

Also Read - भारती एयरटेल ने कहा- ना के बराबर है इंफ्राटेल-इंडस के विलय से Jobs जाने का खतरा

सिर्फ पांच राज्यों हरियाणा, झारखंड, राजस्थान, केरल और ओड़िशा ने ही मोबाइल टावर को लेकर दूरसंचार विभाग के नियमों के साथ तालमेल बैठाया है। इनके अलावा कोई अन्य दूरसंचार ढांचे के लिए अपने मार्ग के अधिकार के नियमों का दूरसंचार विभाग के नियमों के साथ तालमेल नहीं बैठा पाए हैं। Also Read - पूर्वोत्तर में मोबाइल टावर के लिए बीएसएनएल की बोली पर विचार करेगा दूरसंचार आयोग

टावर एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन :टीएआईपीए: के महानिदेशक तिलक राज दुआ ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘इससे मोबाइल टावर को लगाने में भारी दिक्कतें आ रही हैं और यह सेवाओं की गुणवत्ता को भी प्रभावित कर रहा है। दूरसंचार विभाग ने मार्ग देने की नीति नवंबर, 2016 में बनाई थी। इसके तहत दूरसंचार टावरों के गंतव्य के लिए किसी तरह का अंकुश नहीं रखने का प्रावधान है। साथ ही इसमें एकल खिड़की प्रणाली, मंजूरियों के लिए परिभाषित समयसीमा, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, नाममात्र का प्रशासनिक शुल्क और मान ली गई स्वीकृति तथा डिजिटल इंडिया मिशन को पूर्ण समर्थन शामिल है।

दुआ ने कहा कि मोबाइल टावर कंपनियों को विशेषरूप से गुजरात, मध्य प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और महाराष्ट्र में दिक्कतें आ रही हैं। दुआ ने कहा कि कुछ राज्यों ने हमें अपनी बात रखने का मौका दिया है, जबकि कुछ अन्य ने कोई अवसर ही नहीं दिया। यदि इन राज्यों में और मोबाइल टावर लगाए जाते हैं तो वहां कॉल की गुणवत्ता सुधरेगी।

दुआ ने कहा कि राज्यों की इस कार्रवाई से सरकार के महत्वाकांक्षी डिजिटल इंडिया, स्मार्ट सिटी और वित्तीय समावेशन कार्यक्रम प्रभावित होने की आंशका है। टीएआईपीए के सदस्यों में भारती इन्फ्राटेल, एटीसी टावर्स, जीटीएल इन्फ्रास्ट्रक्चर, रिलायंस इन्फ्राटेल, इंडस टावर्स और टावर विजन शामिल हैं।

दुनियाभर की लेटेस्ट tech news और reviews के साथ best recharge, पॉप्युलर मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव offers के लिए हमें फेसबुक, ट्विटर पर फॉलो करें। Also follow us on  Facebook Messenger for latest updates.

  • Published Date: January 13, 2018 3:00 PM IST
  • Updated Date: February 15, 2022 4:57 PM IST



new arrivals in india