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पेटीएम से फ्रीचार्ज ने मिलाया हाथ, अधिग्रहण के लिए नॉन-एक्सक्लूसिव टर्म शीट पर किया हस्ताक्षर

पेटीएम ने मुख्य प्रतिद्वंदी फ्रीचार्ज के अधिग्रहण के लिए नॉन-एक्सक्लूसिव टर्म शीट पर हस्ताक्षर किया है।

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अलीबाबा ग्रुप के निवेश वाली कंपनी पेटीएम ने मुख्य प्रतिद्वंदी फ्रीचार्ज के अधिग्रहण के लिए नॉन-एक्सक्लूसिव टर्म शीट पर हस्ताक्षर किया है। फ्रीचार्ज डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म है, जो स्नैपडील द्वारा संचालित है। साथ ही इस डील के कैश में होने की संभावना है। अपने प्लेटफॉर्म पर 8.5 मिलियन से अधिक दैनिक लेनदेन के साथ और देश में कार्ड लेन-देन को जल्द समाप्त करने के उद्देश्य से, विजय शेखर शर्मा की स्वामित्व वाली कंपनी ने एक और कदम आगे बढ़ा लिया है और फ्रीचार्ज के नॉन-एक्सक्लूसिव टर्म शीट पर हस्ताक्षर कर लिया है।

हालांकि, अभी तक इस समझौते के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है। Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार, यह सौदा 45 मिलियन डॉलर और 90 मिलियन डॉलर के बीच हो सकता है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि पेटीएम-फ्रीचार्ज सौदे को इस महीने में तय कर दिया गया है। रिपोर्ट में चार स्रोतों में से एक के मुताबिक, ‘फ्रीचार्ज ने इस सौदे के लिए पेटीएम से संपर्क किया था।’ रिपोर्ट के मुताबिक यह डील के कैश में होने की संभावना है।

माना जा रहा है कि पेटीएम, अभी जापान के सॉफ्टबैंक से 1.9 अरब डॉलर के फंड हासिल करने के लिए प्रारंभिक दौर की बाचतीत में है। सॉफ्टबैंक ने हाल ही में स्नैपडील और ओला जैसी भारतीय स्टार्टअप में निवेश करके साल 2016-17 के लिए 9,000 करोड़ रुपए से अधिक का शुद्ध घाटा दर्ज किया है। सॉफ्टबैंक को सह-निवेशक नेक्सस वेंचर पार्टनर्स (एनवीपी) से भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स फर्म को स्नैपडील की बिक्री के लिए मंजूरी मिल गई है।

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सॉफ्टबैंक को आखिर स्नैपडील को भारत की सबसे बड़े ई-वाणिज्यि कंपनी फ्लिपकार्ट को बेचने के लिए सह-निवेशक नेक्सस वेंचर पार्टनर्स (एनवीपी) की मंजूरी मिल गई है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। स्नैपडील में सबसे बड़ी अंशधारक सॉफ्टबैंक ने पिछले ही महीने संस्थापकों और कलारी से इस संबंध में मंजूली ले ली थी। हालांकि, एनवीपी जापानी कंपनी द्वारा सुझाए गए मूल्य पर सहमत नहीं थी और गतिरोध दूर करने के लिए पिछले कई हफ्तों के दौरान उनके बीच बातचीत चली।

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उल्लेखनीय है कि साफ्टबैंक ने कहा था कि उसे वर्ष 2016-17 के दौरान स्नैपडील में उसे अपने निवेश पर 1 अरब ड1लर (6,500 करोड़ रुपए) का घाटा हुआ है। नियामकीय जानकारी के मुताबिक साफ्टबैंक की वर्तमान में स्नैपडील में 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है जबकि नेक्सस की करीब 10 प्रतिशत और कलारी की कंपनी में 8 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

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  • Published Date: May 12, 2017 2:30 PM IST
  • Updated Date: May 12, 2017 2:41 PM IST