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RBI का बड़ा फैसला, साल 2022 में बदल जाएंगे ऑनलाइन शॉपिंग और पेमेंट के नियम

RBI ने ऑनलाइन पेमेंट और टोकेनाइजेशन लागू करने की समय सीमा को बढ़ा दिया है। पहले यह नियम 1 जनवरी 2022 से लागू होने वाले थे, लेकिन अब यह 1 जुलाई 2022 से लागू होंगे। जानिए क्या है टोकेनाइजशन और क्यों आरबीआई कर रही इसे लागू।

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RBI की नई गाइडलाइन्स के अनुसार, 1 जुलाई 2022 से Amazon और Flipkart जैसी ई-कॉमर्स कंपनियां या जोमैटो जैसे डिलिवरी एग्रीगेटर्स यूजर्स के कार्ड की जानकारी अपने प्लेटफॉर्म पर सेव नहीं कर सकते हैं। नए नियमों (पिछले नोटिफिकेशन) के मुताबिक अगले साल की शुरुआत से किसी भी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए हर बार अपने क्रेडिट और डेबिट कार्ड की डिटेल्स डालनी होगी। हालांकि, इस दिक्कत से बचने के लिए कंज्यूमर्स टोकन व्यवस्था को अपना सकते हैं। टोकन व्यवस्था का मतलब क्रेडिट/डेबिट कार्ड की डिटेल को हटाकर उसकी वैकल्पिक कोड प्रणाली लागू करने से है, जिसे टोकन कहा जाता है। Also Read - Flipkart Plus यूजर्स के लिए शुरू हो चुका है Big Saving Days Sale, जानें डिस्काउंट और ऑफर्स की पूरी डिटेल

कब तक लागू होगी नई व्यवस्था

मार्च 2020 में RBI ने सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए गाइडलाइन जारी कर मर्चेंट्स को ग्राहकों के कार्ड्स की डिटेल्स सेव करने से प्रतिबंधित किया था। इस साल सितंबर में केंद्रीय बैंक ने गाइडलाइन में टोकन व्यवस्था को जोड़ा, जिससे सेफ्टी और सिक्योरिटी को बेहतर किया जा सके। हालांकि, गुरुवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ऑनलाइन शॉपिंग के वक्त मर्चेंट के स्तर पर डेबिट/क्रेडिट कार्ड की डिटेल दर्ज करने की जगह टोकन व्यवस्था लागू करने को 30 जून, 2022 तक स्थगित कर दिया। Also Read - Amazon Great Republic Day Sale: 8GB रैम, 50MP कैमरा, 256GB स्टोरेज वाले इन 5 स्मार्टफोन्स पर मिल रहा बेस्ट डिस्काउंट, आज Prime Members को होगा भरपूर फायदा

RBI ने क्या कहा?

गौरतलब है कि पहले यह व्यवस्था एक जनवरी 2022 से ही लागू होने वाली थी, लेकिन विभिन्न उद्योग संगठनों से मिले प्रतिविदेनों के बाद केंद्रीय बैंक ने इसे छह महीनों के लिए टाल दिया है। RBI ने सभी पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और भुगतान व्यवस्था प्रतिभागियों को जारी नोटिफिकेशन में कहा, ‘इस संदर्भ में मिले विभिन्न प्रतिवेदनों पर गौर करते हुए हम कार्ड ऑन फाइल (सीओएफ) आंकड़ा रखने की समयसीमा छह महीने यानी 30 जून, 2022 तक बढ़ा रहे हैं। उसके बाद कार्ड से जुड़े ब्योरे को हटाना होगा।’ Also Read - 6000mAh बैटरी, 48MP कैमरा, 6GB RAM, 128GB तक स्टोरेज वाले Redmi 9 Power को 399 रुपये की EMI पर खरीदने का मौका, Flipkart पर मिल रही शानदार डील

केंद्रीय बैंक ने कहा कि टोकन व्यवस्था के अलावा उद्योग इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होने वाले आवर्ती (रेकरिंग) व्यवस्था, ईएमआई (मासिक किस्त) विकल्प आदि के लिए वैकल्पिक उपाय अपना सकते हैं। इसके अलावा भुगतान के बाद की गतिविधियों जैसे रिवार्ड/रॉयल्टी कार्यक्रम आदि के लिए अन्य उपाय कर सकते हैं जिसमें फिलहाल कार्ड जारी करने और कार्ड नेटवर्क के अलावा इकाइयों को सीओएफ आंकड़ा रखने की जरूरत होती है।
(भाषा इनपुट के साथ)

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  • Published Date: December 24, 2021 9:53 AM IST



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