comscore डिजिटल लेन-देन पर ऑफलाइन की तुलना में कम हो कर की दरें: नासकॉम | BGR India
News

डिजिटल लेन-देन पर ऑफलाइन की तुलना में कम हो कर की दरें: नासकॉम

डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहित करने के लिए इस पर कर की दरें ऑफलाइन लेन-देन की तुलना में कम होनी चाहिए।

  • Updated: February 15, 2022 4:59 PM IST
nasscom-logo


सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के संगठन नासकॉम ने डिजिटल लेन-देन पर कर की दर ऑफलाइन लेन-देन की तुलना में कम रखने की वकालत की है। नासकॉम के अध्यक्ष आर. चंद्रशेखर ने पीटीआई भाषा से कहा कि डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहित करने के लिए इसपर कर की दरें ऑफलाइन लेन-देन की तुलना में कम होनी चाहिए। Also Read - Feature Phone से भी की जा सकेगी बिजली के बिल की पेमेंट, NPCI ने नई सर्विस की लॉन्च

Also Read - Demonetisation: नोटबंदी को पूरे हुए 6 साल, डिजिटल पेमेंट में इन ऐप्स ने किया कमाल

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा कहना है कि डिजिटल तरीके की किसी सेवा पर लगने वाला कर उस काम के ऑफलाइन तरीके से होने पर लगने वाले कर से अधिक नहीं होना चाहिए। यदि सरकार की नीति डिजिटल अर्थव्यवस्था है, आप ऐसा कर ढांचा नहीं रख सकते हैं जो नीति के ही प्रतिकूल हो।’’ Also Read - RBI जल्द करेगा Digital Currency की शुरुआत, अब कैश रखने की नहीं होगी कोई जरूरत

उन्होंने प्लंबिंग पर लगने वाले जीएसटी का जिक्र करते हुए कहा कि ऑनलाइन तरीके से इसी सेवा पर कोई जीएसटी नहीं लगता है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में आईटी उद्योग का राजस्व छह गुना बढ़ा है और संगठित क्षेत्र में रोजगार देने वाला सबसे बड़ा निजी क्षेत्र है।

उन्होंने कहा, ‘‘स्टार्टअप तथा छोटे एवं मध्यम उद्यमों में घरेलू निवेश औ।र विदेशी निवेश पर कर की दरों में काफी फर्क है। ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए जिसमें घरेलू निवेशकों को विदेशी निवेशकों की तुलना में नुकसान उठाना पड़े।’’

  • Published Date: January 29, 2018 10:00 PM IST
  • Updated Date: February 15, 2022 4:59 PM IST

दुनियाभर की लेटेस्ट tech news और reviews के साथ best recharge, पॉप्युलर मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव offers के लिए हमें फेसबुक, ट्विटर पर फॉलो करें। Also follow us on  Facebook Messenger for latest updates.