comscore
News

खतरे में है स्मार्टफोन यूजर्स की प्राइवेसी, आसानी से हैक किए जा सकते हैं 4G LTE नेटवर्क

दक्षिण कोरिया के शोधार्थियों ने 4G LTE नेटवर्क में 51 बग्स उजागर किए हैं, जिनमें से 36 बिलकुल नए हैं।

4g-phone-e1536209717129-new

सूचना एवं प्रौद्योगिकी में हुए विकास ने जहां लोगों को कई सहूलियतें दी हैं, वहीं ये उनके लिए खतरा भी बनता जा रहा है। इसमें हालिया उदाहरण 4G LTE मोबाइल नेटवर्क का जुड़ा है। साउथ कोरिया स्थित कोरिया एडवांस इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के शोधार्थियों ने बताया है कि 4G नेटवर्क यानी लॉन्ग-टर्म इवोल्यूशन (LTE) में कई बग्स हैं, जो यूजर्स के डाटा और प्राइवेसी के लिए खतरा हो सकती है।

कोरिया के इन शोधार्थियों ने 4G LTE नेटवर्क में 51 बग्स को उजागर किया है, जिनमें से 36 बिलकुल नए हैं। शोधार्थियों का कहना है कि इन खामियों के चलते किसी भी 4G डिवाइस को हैक किया जा सकता है। शोधार्थियों का यह भी कहना था कि इन कमियों के चलते यूजर्स की प्राइवेसी पर खतरा मंडरा रहा है। अपने शोधपत्र में इन शोधार्थियों ने इन खामियों के बारे में विस्तार से तो नहीं बताया है, लेकिन उनका कहना था कि हैकर्स यूजर्स का नेटवर्क ब्लॉक कर उनके कॉल और मैसेज ब्लॉक कर सकते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, कोरिया के इन शोधार्थियों ने FUZZING टेक्नोलॉजी के जरिए 4G LTE नेटवर्क में इन कमियों को उजागर किया था। FUZZING एक कोड टेस्टिंग मेथड है, जिसमें बड़ी संख्या में रैंडम डाटा फीड कर किसी एप्लीकेशन में मौजूद खामियों का पता लगाया जा सकता है। इस टेक्नोलॉजी का यूज कर डेवलपर्स किसी एप्लीकेशन में मौजूद बग (खामियों) पता लगाते हैं। हालांकि, ये पहली बार नहीं है कि 4G नेटवर्क में खामियां सामने आई हैं। इससे पहले भी कई रिसर्चर्स इन बग्स का उल्लेख कर चुके हैं।

दक्षिण कोरिया के शोधार्थियों जिन 51 खामियों का उल्लेख किया है उनमें से 36 बिल्कुल नई हैं। वहीं 15 बग्स पहले ही सामने आ चुके हैं। इन शोधार्थियों ने 4G नेटवर्क में मिले इन बग्स की रिपोर्ट ग्रुप स्पेशल मोबाइल एसोसिएशन (जीएसएमए) को सौंपी है। बता दें कि GSMA मोबाइल नेटवर्क के स्टैंडर्ड्स का निर्धारण करती है। हालांकि, ये रिपोर्ट मिलने के बाद से जीएसएमए की ओर से फिलहाल कोई जवाब नहीं आया है।

  • Published Date: March 26, 2019 3:47 PM IST