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स्पेक्ट्रम नीलामी से बेहतर होगी सेवा?

अगले दौर की स्पेक्ट्रम नीलामी जून में होने की उम्मीद है। जो कि पिछली नीलामी से बड़ी स्पेक्ट्रम नीलामी होगी। इसमें अब तक के सर्वाधिक बड़े दायरे के स्पेक्ट्रम की नीलामी होगी। इससे दूरसंचार सेवा की गुणवत्ता बेहतर होने की उम्मीद की जा सकती है।

  • Published: April 25, 2016 3:41 PM IST
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दूरसंचार कंपनियां अपनी कई कमियों के लिए स्पेक्ट्रम का रोना रोती हैं। अब जबकि 17 अरब डॉलर की पिछली नीलामी से बड़ी स्पेक्ट्रम नीलामी होने जा रही है, तो क्या दूरसंचार सेवा की गुणवत्ता बेहतर होने की उम्मीद की जा सकती है?

अगले दौर की स्पेक्ट्रम नीलामी जून में होने की उम्मीद है। इसमें अब तक के सर्वाधिक बड़े दायरे के स्पेक्ट्रम की नीलामी होगी। यह नीलामी 700 मेगाहट्र्ज, 800 मेगाहट्र्ज, 900 मेगाहट्र्ज, 1,800 मेगाहट्र्ज, 2,100 मेगाहट्र्ज, 2,300 मेगाहट्र्ज और 2,500 मेगाहट्र्ज बैंड में होगी।

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) द्वारा प्रस्तावित आधार मूल्यों के मुताबिक अनुमान है कि इस नीलामी से सरकार को निविदा अवधि में कुल 5,60,000 करोड़ रुपये (83 अरब डॉलर) की कमाई होगी।

दूरसंचार उद्योग पर पहले से ही तीन लाख करोड़ रुपये का ऋण है। प्रस्तावित आधार मूल्य के लिहाज से यह 185 फीसदी तक बढ़ जाएगा। तो इस नीलामी का कॉल ड्रॉप पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

गार्टनर के प्रधान सर्वेक्षण विश्लेषक ऋषि तेजपाल ने आईएएनएस से कहा, “कॉल ड्रॉप जैसी कई समस्याओं को देखते हुए निश्चित रूप से यह नीलामी महत्वपूर्ण होगी। नीलामी की सफलता के लिए हालांकि आधार मूल्य महत्वपूर्ण होगा।”

विश्लेषकों के मुताबिक, कॉल ड्रॉप की समस्या से निपटने के मामले में स्पेक्ट्रम कई मुद्दों के बीच एक मुद्दा है। सरकार को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कंपनियों को टॉवर खड़ा करने में बाधाओं का सामना नहीं करना पड़े।

एक सवाल यह है कि किस बैंड के लिए नीलामी में सर्वाधिक प्रतियोगिता होगी। विशेषज्ञों की राय में वायस सेवा का बाजार लगभग संतृप्त हो चुका है। इसलिए अगली नीलामी में डाटा महत्वपूर्ण होगा।

वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस की सहायक कंपनी आईसीआरए ने कहा, “दूरसरंचार कंपनियों के लिए डाटा अगला क्षेत्र है, क्योंकि इस क्षेत्र का पर्याप्त दोहन नहीं हुआ है। गत दो साल में डाटा से हुई आय में 120 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई है। इसकी वजह से कंपनियों के बीच डाटा सेवा के लिए होड़ शुरू हो गई है।”

परामर्श कंपनी कॉम फर्स्ट के निदेशक महेश उप्पल ने कहा, “800 मेगाहट्र्ज और 2,100 मेगाहट्र्ज में अधिक प्रतियोगिता की उम्मीद है, क्योंकि इसमें तुरंत सेवा शुरू की जा सकती है। 900 मेगाहट्र्ज और 2,300 मेगाहट्र्ज भी महत्वपूर्ण होंगे, लेकिन इसमें कम प्रतियोगिता होगी।”

उप्पल ने कहा, “काफी ऊंचे आधार मूल्य के कारण 700 मेगाहट्र्ज में कम प्रतियोगिता हो सकती है। टेलीनॉर और वोडाफोन जैसी कंपनियों ने इसमें रुचि दिखाई है।”

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  • Published Date: April 25, 2016 3:41 PM IST