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Bitcoin लीगल है या नहीं? Crypto ठगी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से किया सवाल

Bitcoin के लीगल स्टेटस का मुद्दा एक आपराधिक मामले में सामने आया है। यहां एक आरोपी पर क्रिप्टोकरेंसी घोटाले में लोगों को ठगने का आरोप लगा है।

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(Representational Image)


भारत सरकार ने बजट 2022 पेश करते हुए डिजिटल ऐसेट की ट्रेडिंग से होने वाली आय पर 30 प्रतिशत कर (tax) लगाया। इस कैटेगरी में क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) और NFT शामिल होंगे। टैक्स के बाद सरकार ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी के वैध या अवैध होने पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। अब भारत के सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से देश में बिटकॉइन (Bitcoin) की कानूनी स्थिति पर स्पष्टता मांगी है। Also Read - Tether ने अनाउंस किया ब्रिटिश पाउंड से जुड़ा Stable Coin, आसान होंगे Crypto पेमेंट

Bitcoin का लीगल स्टेटस

Bitcoin के लीगल स्टेटस का मुद्दा एक आपराधिक मामले में सामने आया है। यहां एक आरोपी पर क्रिप्टोकरेंसी घोटाले में लोगों को ठगने का आरोप लगा है। केस सुनवाई के दौरान जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ ने आरोपी को अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की, लेकिन साथ ही सरकार से क्रिप्टोकरेंसी की कानूनी स्थिति पर अधिक स्पष्टता की मांग की। Also Read - नकली एक्सचेंज से जुड़ा यह Crypto Scam है बहुत खतरनाक, भारतीय इंवेस्टर्स के साथ हुई 1000 करोड़ रुपये की ठगी

ET की खबर के मुताबिक, जस्टिस सूर्य कांत ने मामले में उपस्थित एएसजी ऐश्वर्या भट्टी से कहा, “आपको कानूनी स्थिति (बिटकॉइन पर) स्पष्ट करनी चाहिए।” Also Read - Crypto Market Today: मार्केट में दिखी हल्की बढ़त, लेकिन इस कॉइन ने मारी 61% की उछाल

क्या है Cryptocurrency ठगी का मामला?

इस केस में दो भाइयों अमित भारद्वाज और अजय भारद्वाज पर बिटकॉइन से जुड़ा ठगी का आरोप लगा है। दोनों भाइयों ने कथित तौर पर बिटकॉइन पर भारी मुनाफे के बदले निवेशकों से धन एकत्र किया। इन्होंने आरोपों से इनकार किया है.

अमित भारद्वाज को मार्च 2018 में पुणे पुलिस ने गिरफ्तार किया था और 3 अप्रैल, 2019 को शीर्ष अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया था। अमित को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी, जिस दौरान इनकी दिल का दौरा पड़ने के कारण मृत्यु हो गई। एएसजी भट्टी ने कहा कि अजय भारद्वाज जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।

इन्होंने कहा कि इस मामले में 87,000 बिटकॉइन शामिल हैं और आरोपी को कई नोटिस जारी किए जा चुके हैं। यह भारत की ओर से इस तरह का पहला घोटाला है। ईडी ने शुरुआती घोटाले के अनुमानों को 2,000 करोड़ से संशोधित कर 20,000 करोड़ रुपये कर दिया है।

मामले की सुनवाई करने वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने आरोपी को जांच अधिकारी से मिलने और जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही आईओ को चार सप्ताह में मामले पर एक नई स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।

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  • Published Date: February 26, 2022 11:39 AM IST
  • Updated Date: February 26, 2022 11:40 AM IST



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