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अगर आपको भी है TikTok या BIGO LIVE जैसी एेप्स का चस्का तो हो जाएं सावधान

इन चाइनीज एेप्स की प्राइवेसी पॉलिसी कहती है कि एेप अपने वन-क्लिक अॉप्ट-इन बटन के द्वारा बहुत सा डाटा एक्सेस लेती हैं।

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Source: Pixabay


इस समय दुनिया भर के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म खास तौर पर फेसबुक में चीनी वीडियो एेप्स छाई हुई है। इनमें से एक कुछ एेप्स का नाम Tik Tok, Like और Kwai है। ये एेप्स Meme और Lip Syncing वीडियो के लिए पॉप्यूलर है। इन एेप्स ने भारत में भी करोड़ो यूजर्स का बेस बना लिया है। यह ज्यादातर कम उम्र के बच्चों और यूथ के बीच ज्यादा फेमस है।

भले ही ये एेप्स लोगों को अपने लिप सिंक टेलेंट को दुनिया भर में दिखाने या लोगों को एंटरटेन करने का मौका दे रही हो, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये एेप्स कानून का उलंघन कर रही हैं और ये बच्चों की प्राइवेसी के साथ भी खिलवाड कर रही हैं।

इनमें से एक पॉप्यूलर एेप TikTok भी है, जिसके जरिए यूजर्स 15 सेकंड की लिप सिंक और meme वीडियो बनाते हैं। इस एेप ने लगभग 10 करोड़ डाउनलोड हासिल किए हैं और इसके लगभग 2 करोड़ मंथली एक्टिव यूजर्स हैं।

ET के मुताबिक, ये एेप्स tier-2 और tier-3 के यूजर्स को काफी आकर्षित करती है और एक्सपर्ट का कहना है कि Bigo Live और Uplive जैसी एेप्स यूजर्स को खास तौर पर प्राइवेट वीडियो चैट करने के लिए बनाई गई है। कई बार एेप्स न्यूडिटी को बढ़ावा देती है और यूजर्स को आकर्षित करने वाली नोटिफिकेशंस देती है। इनमें Uplive द्वारा “Press here! Surprising gift waiting for you,” और “Sweet is waiting for you in MeMe live <3, Watch magical girl’s LIVE, Come see me now! Sonam who you’re following posted a new video,” जैसी नोटिफिकेशंस शामिल हैं। इन नोटिफिकेशन में महिलाओं की तस्वीरें दिखाई देती है। [videourl url="https://mum-videostream.s3.amazonaws.com/bgr/2018/10/26/jio-Home-LTO-Solution.mp4" thumb="https://st1.bgr.in/wp-content/uploads/2018/10/Adobe_Post_20181029_181452.jpg" mediaid="sUVKs0VX"] रिपोर्ट के मुताबिक, इन चाइनीज एेप्स की प्राइवेसी पॉलिसी कहती है कि एेप अपने वन-क्लिक अॉप्ट-इन बटन के द्वारा बहुत सा डाटा एक्सेस लेती हैं। इनमें लोकेशन शेयरिंग, कॉन्टेक्ट, अॉडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग और फुल डाटा नेटवर्क एक्सेस शामिल है। आपको बता दें कि TikTok को कई देशों में बैन भी किया जा चुका है। कुछ समय पहले इस एेप के खिलाफ Hong Kong में प्रोटेस्ट भी हुए थे। ये प्रोटेस्ट एेप द्वारा 10 साल से कम उम्र के बच्चों की प्राइवेसी का ख्याल ना रखने और उनकी पहचान का खुलासा करने जैसे पॉइन्ट्स को ध्यान में रख कर किए गए थे।

  • Published Date: December 1, 2018 5:39 PM IST