comscore अब Aadhaar Card से ट्रैक होगी जन्म और मृत्यु, UIDAI करने वाली है दो बड़े बदलाव
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अब Aadhaar Card से ट्रैक होगी जन्म और मृत्यु, UIDAI करने वाली है दो बड़े बदलाव

Aadhaar card के लिए UIDAI ने नई योजना बनाई है। अब दुनिया के सबसे बड़े बायोमैट्रिक डेटाबेस में नवजात शिशुओं के साथ-साथ मरने वालों की डिटेल भी दर्ज होगी। सरकार टेम्पोररी आधार कार्ड की योजन पर काम कर रही है।

Aadhaar Card

Aadhaar Card online service


केन्द्र सरकार नागरिकों के बर्थ और डेथ का रिकॉर्ड अब आधार कार्ड के जरिए रखने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए सरकारी संस्था UIDAI ने दो पायलट प्रोग्राम आइडेंटिफाई किया है, जिसके तहत अब नवजात बच्चों का भी आधार कार्ड बनाया जा सकेगा। साथ ही, डेथ रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड को मेनटेन करने के लिए आधार कार्ड का यूज होगा, ताकि कोई भी सरकारी योजनाओं का गलत तरीके से फायदा न उठा सके। Also Read - करोड़ों लोगों की बढ़ी मुश्किलें, इस सरकारी वेबसाइट द्वारा लीक हुई आधार डिटेल

UIDAI नवजात बच्चों के लिए टेम्पोररी आधार कार्ड (Temporary Aadhaar Card) बनाने की योजना पर विचार कर रही है। डेथ रिकॉर्ड के लिए आधार कार्ड का यूज इसलिए भी जरूरी है क्योंकि लगभग सभी सरकारी योजना आधार कार्ड से लिंक्ड है। डेथ रिकॉर्ड आधार कार्ड से लिंक न होने की वजह से लोग इन योजनाओं का लाभ लाभार्थी के मृत्यु के बाद भी लेते रहते हैं। Also Read - UIDAI का नया प्लान, अब घर बैठे मिलेगी आधार की हर सुविधा

आधार कार्ड (Aadhaar Card) दुनिया का सबसे बड़ा बायोमैट्रिक डेटाबेस (Biometric Data) है। भारत में 2010 में आधार कार्ड सेवा की शुरुआती की गई थी, जिसमें देश के 18 वर्ष से ज्यादा आयुवर्ग के लोगों को एनरोल किया जा चुका है। सरकार द्वारा जारी डेटा के मुताबिक, मार्च 2022 तक 132.87 करोड़ आधार कार्ड जारी किए जा चुके हैं। Also Read - आधार कार्ड यूज करते समय हमेशा याद रखें ये सिक्योरिटी टिप्स, नहीं तो हो सकता है बड़ा नुकसान

नवजात के लिए टेम्पोररी आधार कार्ड

UIDAI अब बच्चे के जन्म के साथ ही आधार कार्ड बनाने वाला पायलट प्रोग्राम चलाने वाला है। इस पायलट प्रोग्राम के तहत नवजात शिशुओं का बायोमैट्रिक अस्पताल में ही कर लिया जाएगा। बायोमैट्रिक करने के बाद बच्चों का टेम्पोररी आधार कार्ड जारी किया जाएगा। जब नवजात की आयु 5 वर्ष हो जाएगी तो दोबारा बायोमैट्रिक लेकर इसे अपडेट किया जाएगा।

इसके लिए UIDAI द्वारा प्रशिक्षित कर्मचारी बच्चे के घर जाकर बायोमैट्रिक डेटा अपडेट करेंगे या फिर बच्चों के पैरेंट्स या माता-पिता उन्हें आधार सेवा केन्द्र ले जाकर बायोमैट्रिक को अपडेट करा सकेंगे। यही नहीं, बच्चा जब 18 साल का हो जाएगा तो एक बार फिर से बायोमैट्रिक ली जाएगी और आधार डेटाबेस को अपडेट किया जाएगा।

मरने वालों का आधार कार्ड होगा रेड फ्लैग

वहीं, किसी नागरिक की मृत्यु के साथ उसके बायोमैट्रिक को आधार डेटाबेस से रेड फ्लैग किया जाएगा, ताकि केन्द्र या राज्य सरकारों द्वारा चलाए जाने वाले किसी भी योजना का लाभ मरने के बाद न लिया जा सके। इससे किसी भी नागरिक के डेथ रिकॉर्ड को भी ट्रैक किया जा सकेगा।

UIDAI मरे हुए नागरिकों का बायोमैट्रिक लेने के लिए सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के साथ साझेदारी करेगी। अस्पतालों में ही मरने वाले व्यक्ति का बायोमैट्रिक लेकर उसे रेड फ्लैग किया जा सकेगा। जिसकी वजह से आधार कार्ड के मिसयूज होने की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।

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  • Published Date: June 15, 2022 10:50 AM IST



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