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UPI ट्रांजैक्शन में 750% की बढ़ोतरी

दिसंबर 2018 में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) पिछले साल के मुकाबले 8 गुना बढ़ोतरी के साथ 1 अरब के आंकड़े को पार कर गया है। 

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नवंबर 2016 में नोटबंदी के बाद से डिजिटल ट्रांजैक्शन में तेज उछाल देखने को मिला है, हालांकि यह एडॉप्शन रेट उम्मीद के मुताबिक थोड़ा कम था। दिसंबर 2018 में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) पिछले साल के मुकाबले 8 गुना बढ़ोतरी के साथ 1 अरब के आंकड़े को पार कर गया है।

नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा जारी किए गए आंकड़ो के मुताबिक यूपीई ने मंथली स्तर पर 60 करोड़ के आंकड़े को पार कर लिया है जो दिसंबर 2017 के मुकाबले चार गुना ज्यादा है।

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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने पेमेंट इंडस्ट्री का यह डाटा नवंबर 2018 तक रिलीज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले वॉल्यूम में 27% की बढ़ोतरी को दिखाता है। हालांकि नवंबर 2018 महीने में पिछले साल के मुकाबले 1% की गिरावट दर्ज की गई है। इन आंकड़ो में मोबाइल वॉलेट, कार्ड और मोबाइल बैंकिंग से होने वाले ट्रांजैक्शंस को शामिल किया गया है।

नवंबर महीने में कार्ड के जरिए होने वाले ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में 22% की बढ़ोतरी देखने को मिली है। जबकि वैल्यू के लिहाज से हिस्सेदारी 18% बढ़ी है। इसी पीरियड में वॉलेट की हिस्सेदारी वॉल्यूम के लिहाज से 86% बढ़ी है और वैल्यू के हिसाब से इसमें 72% का उछाल आया है। जबकि यूपीआई के जरिए वॉल्यूम में 400% और वैल्यू के लिहाज से 753% का उछाल देखने को मिला है।

हाल में BHIM ऐप को लेकर काफी परेशानियां सामने आई थी। लेकिन NPCI ने कहा है कि जल्द ही एक बेहतर और सिक्योर ऐप को पेश किया जाएगा। इस नए अपडेट में UPI 2.0 के फीचर्स शामिल होंगे।

  • Published Date: January 14, 2019 11:41 AM IST