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Chandrayaan 2: विक्रम से संपर्क की कोशिश में ISRO को मिला अमेरिका की NASA का साथ, उम्मीदें बढ़ी

Chandrayaan 2 से जुड़ी एक नई खबर सामने आई है जिससे इस मिशन की सफलता को लेकर एक बार फिर उम्मीद जगी है। ISRO अपने DSN (डीप स्पेस नेटवर्क) के जरिए चंद्रमा के करीब Chandrayaan 2 मून लैंडर विक्रम तक सिग्नल भेजने और संपर्क स्थापित करने की लगातार कोशिश कर रहा है। वहीं अब खबर है कि अमेरिका की की स्पेस एजेंसी NASA (नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन) भी मून लैंडर विक्रम तक सिग्नल भेजने के लिए ISRO की मदद कर रही है।

  • Published: September 13, 2019 10:50 AM IST
Chandrayaan 2

Photo credit: ISRO


Chandrayaan 2 से जुड़ी एक नई खबर सामने आई है जिससे इस मिशन की सफलता को लेकर एक बार फिर उम्मीद जगी है। ISRO अपने DSN (डीप स्पेस नेटवर्क) के जरिए चंद्रमा के करीब Chandrayaan 2 मून लैंडर विक्रम तक सिग्नल भेजने और संपर्क स्थापित करने की लगातार कोशिश कर रहा है। वहीं अब खबर है कि अमेरिका की की स्पेस एजेंसी NASA (नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन) भी मून लैंडर विक्रम तक सिग्नल भेजने के लिए ISRO की मदद कर रही है। दरअसल जब चंद्रमा के करीब Chandrayaan 2 मून लैंडर विक्रम से इसरो का कम्युनिकेशन टूटा था तो ऐसा लगा था कि यह मिशन फेल हो गया है। लेकिन अब एक बार फिर उम्मीद जग उठी है।
ISRO के एक अधिकारी के मुताबिक NASA की JPL (Jet Propulsion Laboratory) लगातार विक्रम को रेडियो सिग्लन भेज रही है, जिससे किसी तरह का कम्युनिकेशन स्थापित किया जा सके। इससे पहले नोबेल पुरस्कार विजेता सर्जे हरोशे का भी मानना है कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) के वैज्ञानिक निश्चित ही भारत के पहले मून लैंडर की समस्या को दूर करने की कोशिश कर लेंगे। Also Read - ISRO पांच मार्च को लॉन्च करेगा जियो इमेजिंग सैटेलाइट GSLV-F10

इससे पहले आपको बता दें कि Chandrayaan-1 की सफलता के समय भी NASA ने इसरो की मदद की थी, जब इसरो का कम्युनिकेशन Chandrayaan-1 से 20 अगस्क 2009 को टूट गया था। इसे मिशन को 22 अक्टूबर 2008 को लॉन्च किया गया था। उस समय भी NASA’s Jet Propulsion Laboratory (JPL) टीम ने इसरो के मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। Also Read - Xiaomi जल्द लॉन्च करेगी ISRO के नेविगेशन सिस्टम NaVIC सपोर्टेबल स्मार्टफोन

इससे पहले एक रिपोर्ट में पता चला था कि विक्रम चंद्रमा की सतह पर ठीक-ठाक है और उसे ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है। हालांकि इसके पहले  इसरो (ISRO) के चेयरमैन के सिवन ने जानकारी दी थी कि चंद्रमा की सतह पर विक्रम लैंडर (Vikram Lander) का पता चल गया है। उन्होंने बताया था कि Orbiter ने विक्रम लैंडर (Vikram Lander) की एक थर्मल इमेज क्लिक भी की है जिसे शेयर किया गया है। इमेज से पता चला है कि चंद्रमा की सतह पर हार्ड लैंडिंग के बावजूद चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम में कोई टूट-फूट नहीं हुई है। Also Read - इस साल रूस के पहले अंतरिक्ष प्रक्षेपण में हुई देरी

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  • Published Date: September 13, 2019 10:50 AM IST



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