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चीनी कंपनी फर्जीवाड़ा! एक ही IMEI नंबर से चल रहे 13557 मोबाइल फोन

आईएमईआई नंबर को लेकर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। मोबाइल की पहचना कहा जाने वाला नंबर हर फोन के लिए अलग होता है। लेकिन उत्तर प्रदेश एक ऐसे मामले का भांडाफोड़ हुआ है, जिसमें एक ही आईएमईआई नंबर से साढ़े 13 हजार मोबाइल को चलाया जा रहा था।

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आईएमईआई नंबर को लेकर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। मोबाइल की पहचना कहा जाने वाला नंबर हर फोन के लिए अलग होता है। लेकिन उत्तर प्रदेश एक ऐसे मामले का भांडाफोड़ हुआ है, जिसमें एक ही आईएमईआई नंबर से साढ़े 13 हजार मोबाइल को चलाया जा रहा था। मेरठ जोन पुलिस के साइबर क्राइम सेल ने इस मामले का भांडाफोड़ करते हुए चीनी कंपनी वीवो (Vivo) व उसके सर्विस सेंटर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला जर्द किया गया है। Also Read - भारत में लॉन्च होंगे वीवो के ये दमदार स्मार्टफोन, जानिए कीमत और स्पेसिफिकेशन्स

Vivo के फर्जीवाड़े का क्या है पूरा मामला

पुलिस के मुताबिक यह आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से कंपनी की भारी चूक है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ के कार्यालय में तैनात सब इंस्पेक्टर आशाराम के पास वीवो (Vivo) कंपनी का मोबाइल फोन है। 24 सितंबर 2019 को स्क्रीन टूटने पर आशाराम ने मेरठ में दिल्ली रोड स्थित वीवो के सर्विस सेंटर पर मोबाइल फोन ठीक करने के लिए दिया था। सर्विस सेंटर ने बैट्री, स्क्रीन और एफएम बदलकर उन्हें मोबाइल फोन वापस दे दिया। लेकिन कुछ दिन बाद डिस्प्ले में कुछ दिक्कत आनी शुरू हो गई। Also Read - Flipkart पर शुरू हुई Vivo Days सेल, वीवो के स्मार्टफोन पर मिल रहे हैं धमाकेदार डिस्काउंट

तत्कालीन एडीजी प्रशांत कुमार ने मेरठ जोन पुलिस की साइबर क्राइम सेल प्रभारी प्रबल कुमार पंकज व साइबर एक्सपटर्स विजय कुमार को जांच का निर्देश दिया था। पुलिस की जांच में पाया गया है कि एसआई आशाराम के मोबाइल बॉक्स पर जो आईएमईआई लिखा हुआ है, वह उनके मोबाइल में मौजूद आईएमईआई से अलग है। जिसके बाद सर्विस सेंटर से इस संबंध में संपर्क किया गया है। Also Read - लॉकडाउन के दौरान भी स्मार्टफोन के ऑर्डर ले रही हैं शाओमी, वीवो और सैमसंग, ऐसे करेगी डिलीवरी

ऐसे हुआ खुलासा

सर्विस सेंटर ने 16 जनवरी 2020 को जवाब दिया कि फोन की आईएमईआई नहीं बदली गई। चूंकि उस मोबाइल में जियो का सिम था इसलिए साइबर सेल ने मामले में जियो से उस आईएमईआई नंबर वाले डिवाइस का डेटा मांगा। टेलीकॉम ऑपरेटर से जो रिपोर्ट आई वह चौंकाने वाली थी। इस रिपोर्ट के मुताबिक 24 सितंबर 2019 को सुबह 11 से 11.30 बजे तक देश के अलग-अलग राज्यों के 13557 मोबाइलों में यही आईएमईआई रन कर रहा है।

साइबर सेल ने इस मामले में वीवो इंडिया के नोडल अधिकारी हरमनजीत सिंह को 91 सीआरपीसी के तहत नोटिस भेजा। नोटिस के जवाब से पुलिस संतुष्ट नहीं है। कंपनी की ओर से आए जवाब में यह भी नहीं बताया गया है कि ट्राई के किस नियम के मुताबिक एक आईएमईआई एक से ज्यादा मोबाइल नंबर पर सक्रिय है। साइबर सेल ने माना है कि इस मामले में मोबाइल कंपनी की घोर लापरवाही और ट्राई के नियमों का उल्लंघन है।

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  • Published Date: June 5, 2020 7:34 PM IST



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