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क्या है नेट न्यूट्रैलिटी? किन देशों में बना है इसे लेकर कानून

नेट न्यूट्रैलिटी टर्म को कोलंबिया यूनिवर्सिटी के मीडिया लॉ प्रोफेसर टिम वूइन ने इजाद किया है।

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भारत में नेट न्यूट्रैलिटी यानी इंटरनेट तटस्थता के सिद्धांत को मंजूरी मिल गई है। सरकार ने बुधवार को नेट न्यूट्रैलिटी के सिद्धांत को मंजूरी दी है। भारत में पिछले काफी लंबे वक्त से इंटरनेट न्यूट्रैलिटी के सिद्धांत को लेकर बहस चल रही थी। दूरसंचार सचिव अरूणा सुंदरराजन का कहना है कि नेट न्यूट्रैलिटी के सिद्धांत के उल्लंघन पर कठोर दंड दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नेट न्यूट्रैलिटी के सिद्धांत जल्द ही लागू होंगे। दूरसंचार आयोग ने ट्राई की सिफारिश के बाद इंटरनेट न्यूट्रैलिटी के सिद्धांत को मंजूरी दी है। Also Read - 5G in India: सितंबर से ले सकेंगे सुपरफास्ट 5G सर्विस का आनंद, जानें 5 अहम बातें

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इंटरनेट को लेकर किसी भी तरह का भेदभाव न होना ही नेट न्यूट्रैलिटी है। नेट न्यूट्रैलिटी टर्म को कोलंबिया यूनिवर्सिटी के मीडिया लॉ प्रोफेसर टिम वूइन ने इजाद किया है। उन्होंने 2003 में सबसे पहले इस टर्म का यूज किया था। उस वक्त इस टर्मोलॉजी को टेलीफॉन सिस्टम के लिए इस्तेमाल किया गया था। बाद में नेट न्यूट्रैलिटी का इस्तेमाल इंटरनेट के लिए होने लगा। नेट न्यूट्रैलिटी मुख्यत: एक सिद्धांत है जो कहता है कि इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर कंपनियां इंटरनेट पर सभी डाटा को समान रूप से ट्रीट करें।

यानी इंटरनेट सर्विस देने वाली कंपनियां जानबूझकर किसी वेबसाइट के कंटेंट को ब्लॉक या नेट की स्पीड को स्लो करके उसे बाधित न करें।

किन देशों में बना है नेट न्यूट्रैलिटी पर कानून

नेट न्यूट्रैलिटी पर साल 2010 में सबसे पहले चिली ने कानून बनाया था। नीदरलैंड में भी नेट न्यूट्रैलिटी पर कानून बना हुआ है। दक्षिण कोरिया ने साल 2012 में नेट न्यूट्रैलिटी पर कानून बनाया था। अमेरिका में भी साल 2015 में नेट न्यूट्रैलिटी पर कानून बनाया गया था। हालांकि, अमेरिका में नेट न्यूट्रैलिटी कानून वापस लेने की तैयारी काफी लंबे वक्त से चल रही है। यूएस का  रेगुलेटर फेडरल कम्युनिकेशन कमीशन कई बार इस बात के संकेत भी दे चुका है।

भारत में नेट न्यूट्रैलिटी को लेकर ट्राई ने साल 2015 से ही पब्लिक कमेंट यानी जनता की राय मांगनी शुरू कर दी थी। इसके बाद ट्राई ने दूरसंचार आयोग से नेट न्यूट्रैलिटी के सिद्धांत को मंजूरी देने की सिफारिश की थी।

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  • Published Date: July 12, 2018 11:44 AM IST
  • Updated Date: February 15, 2022 5:14 PM IST



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