comscore Pegasus Spyware क्या है? कितनी है कीमत और आपकी किन जानकारियों को कर सकता है एक्सेस, जानिए सब कुछ
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Pegasus Spyware क्या है? कितनी है कीमत और आपकी किन जानकारियों को कर सकता है एक्सेस, जानिए सब कुछ

Pegasus Spyware को लेकर हर तरफ हो हल्ला मचा हुआ है। इस स्पाईवेयर की मदद से किसी यूजर के फोन पर आने और जाने वाले मैसेज, फोटोज की जानकारी और कॉल्स तक को रिकॉर्ड कर सकते हैं। यह iOS या Android किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है।

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Pegasus यह नाम पहले भी एक बार चर्चा का विषय बन चुका है और उन्हीं कारणों से एक बार फिर खबरों में छाया हुआ है। संभवतः किसी प्राइवेट कंपनी द्वारा विकसित किया गया यह अब तक का सबसे ताकतवर स्पाईवेयर है। एक बार Pegasus आपके फोन में एंट्री कर ले, तो आपके डिवाइस पर 24 घंटे सर्विलांस शुरू हो जाएगा। यह स्पाईवेयर आपके फोन पर आने और जाने वाले मैसेज को कॉपी कर सकता है, फोटोज की जानकारी से लेकर कॉल्स तक को रिकॉर्ड कर सकता है। इतना ही नहीं इस स्पाईवेयर के इस्तेमाल से आपके ही फोन से आपका वीडियो बनाया जा सकता है। यह स्पाईवेयर बता सकता है कि आप कहां हैं, कहां थे और किससे मिले थे। Also Read - Pegasus को लेकर सख्त हुआ Apple, NSO ग्रुप पर किया केस

क्या है Pegasus और किसने इसे बनाया?

पेगासस एक हैकिंग सॉफ्टवेयर या स्पाईवेयर है, जिसे इजरायल की कंपनी NSO Group द्वारा विकसित किया गया है। यह iOS या Android किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करने वाले फोन्स को आसान से अपने प्रभावित कर सकता है। NSO Group की स्थापना 25 जनवरी 2010 में हुई थी। NSO ने कभी यह नहीं बताया कि उनके सॉफ्टवेयर को किसने खरीदा है, लेकिन उनकी वेबसाइट पर जरूर लिखा है, ‘इसका इस्तेमाल सरकारी इंटेलिजेंस और लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियां अपराध और आतंक से लड़ने के लिए करती हैं।’ Also Read - PhoneSpy नाम का खतरनाक वायरस चुरा रहा है आपके फोन का डेटा, जानें क्या करें?

क्या है कीमत?

Pegasus जैसे स्पाईवेयर को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह आपकी जानकारी के बिना ही आपके डिवाइस का एक्सेस प्राप्त कर सकता है। यह स्पाईवेयर आपकी पर्सनल जानकारियां इकट्ठा करता है और उसे सॉफ्टवेयर यूज करने वाले तक पहुंचाता है। रिपोर्ट्स की मानें तो Pegasus एक साल में 500 फोन्स को मॉनिटर कर सकता है, लेकिन यह सिर्फ 50 फोन्स को ही एक वक्त पर ट्रैक करता है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस सॉफ्टवेयर का लाइनसेंस एक साल के लिए 70 से 80 लाख डॉलर में मिलता है। Also Read - Pegasus का नया वर्जन है बेहद खतरनाक, Apple iPhone यूजर्स के लिए बनेगा 'सिरदर्द'

कैसे करता है काम?

हैकर्स Pegasus को किसी फिशिंग लिंक के जरिए टार्गेट के फोन में भेजते हैं। इसे भेजने के लिए टेस्ट मैसेज का इस्तेमाल किया जाता है। टार्गेट की जानकारी के बिना फिशिंग लिंक पर क्लिक करने से Pegasus डिवाइस में डाउनलोड होना शुरू हो जाता है। डाउनलोड होने के बाद यह हैकर्स के कमांड कम्प्यूटर से कनेक्शन सेटअप करता है। इसके बाद हैकर रिमोर्ट कमांड सेंटर की मदद से Pegasus स्पाईवेयर से संपर्क करता है और फिर शुरू होता है सुचनाओं के आदान प्रदान का असली खेल। सिटीजन लैब के मुताबिक, Pegasus का इस्तेमाल किसी व्यक्ति की विस्तृत जानकारी निकालने के लिए किया जाता है। इसकी मदद से एन्क्रिप्टेड मैसेज और ऑडियो को पढ़ा व सुना जा सकता है।

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  • Published Date: July 19, 2021 9:47 AM IST



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