comscore iPhone vs Android: एंड्रॉइड छोड़कर खरीदने जा रहे आईफोन, तो 'याद' आएंगी ये बातें
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iPhone vs Android: एंड्रॉइड छोड़कर खरीदने जा रहे आईफोन, तो 'याद' आएंगी ये बातें

iPhone vs Android: क्या आपको एक आईफोन खरीदना चाहिए या फिर एंड्रॉइड स्मार्टफोन? इस सवाल का जबाव अलग अलग हो सकता है, लेकिन कुछ ऐसी बातें हैं जो आईफोन यूजर्स आपको बता सकते हैं।

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स्मार्टफोन खरीदने के लिए आपको बजट की चिंता ना करनी पड़े, तो आप कौन-सा फोन खरीदेंगे? ज्यादातर लोगों का जवाब iPh0ne हो सकता है। वैसे भी जब पैसे खर्च करने की टेंशन ना हो, तो कोई भी एक महंगा फोन ही लेना चाहेगा। हालांकि, Android पर काम करने वाले भी कई फ्लैगशिप डिवाइस आते हैं। ऐसे में सवाल आता है कि एंड्रॉइड पर काम करने वाला कोई फ्लैगशिप डिवाइस लिया जाए या फिर आईफोन। अगर आप भी ऐसे ही कन्फ्यूजन में हैं, तो इसमें हम आपकी मदद कर देते हैं। अगर आप एक एंड्रॉइड यूजर हैं और अगला फोन Apple iPhone लेना चाहते हैं, तो कुछ बातों को जान लेना चाहिए। Also Read - WhatsApp में जल्द आएंगे ये 3 बड़े फीचर्स, हैकर्स से बचने और चैट ट्रांसफर करने में मिलेगी मदद

एक बात जो सबसे पहले आती है कि दोनों ही स्थिति में (चाहे एंड्रॉइड पर काम करने वाले फोन हों या फिर आईओएस पर) आप एक ऐसा स्मार्टफोन खरीद रहे हैं, जिसमें लगभग सभी एडवांस फीचर मिलेंगे। हालांंकि, आईफोन पर स्विच करने पर आपको कुछ ऐसे फीचर्स से समझौता करना पड़ेगा, जो एंड्रॉइड में आसानी से मिल जाते हैं। आइए इसके बारे में डिटेल में जानते हैं… Also Read - YouTube Premium और YouTube Music Premium के लिए लॉन्च हुए एनुअल प्लान, भारत में इतनी है कीमत

स्टोरेज एक्सपैंड करना

एंड्रॉइड पर काम करने वाले ज्यादातर डिवाइसेस में स्टोरेज एक्सपैंड करने का फीचर मिलता है, जबकि आईफोन में ऐसा नहीं है। आईफोन खरीदते वक्त आपको एक तय स्टोरेज वाला डिवाइस मिलेगा, जिसकी स्टोरेज को आप बढ़ा नहीं सकते हैं। वहीं, एंड्रॉइड प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले डिवाइसेस में माइक्रो-एसडी कार्ड की मदद से स्टोरेज बढ़ा सकते हैं। हालांकि, ज्यादा पैसे खर्च करके आप 512GB तक स्टोरेज वाले आईफोन भी खरीद सकते हैं। Also Read - WhatsApp में आने वाला है जबरदस्त फीचर, फोटो और वीडियो को एडिट करने के लिए मिलेंगी 2 नई पेंसिल

iPhone SE

Source: Pixabay

गूगल प्ले स्टोर और ऐप स्टोर

एंड्रॉइड डिवाइसेस में Play Store मिलता है, जिससे नए ऐप्स डाउनलोड कर सकते हैं, जबकि आईओएस पर काम करने वाले डिवाइसेस में App Store दिया गया है। अब सवाल है कि मुश्किल कहां आती है? जब आप प्ले स्टोर में लॉगइन करते हैं, तो आपको सिर्फ Gmail की डिटेल देनी होती है, लेकिन ऐप स्टोर में ऐसा नहीं होता है। यहां आपको अपने क्रेडिट-डेबिट कार्ड डिटेल्स से लेकर अपना ऐड्रेस तक शेयर करना होता है। हालांकि, कार्ड्स की डिटेल शेयर किए बिना भी कई सर्विस को एक्सेस कर सकते हैं।

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Representational image

इनकमिंग कॉल स्क्रीन

एंड्रॉइड फोन में इनकमिंग कॉल स्क्रीन को मिनीमाइज यानी छोटा करने का ऑप्शन मिलता है, जबकि आईफोन में ऐसा नहीं होता है। इस बात को ऐसे समझिए कि आप अपने फोन पर कोई वीडियो (या कोई दूसरा काम कर रहे) देख रहे हैं और तभी किसी ऐसे व्यक्ति का फोन आता है, जिसे आप ना तो रिसीव करना चाहते हैं और ना ही एक्सेप्ट करना चाहते हैं। ऐसे में आप एंड्रॉइड फोन में स्क्रीन को मिनीमाइज करके अपना काम कर सकते हैं, लेकिन आईफोन में आपको यह फीचर नहीं मिलता है, जिससे आपको अपना काम रोकना पड़ सकता है।

Apple iPhone 13 launch

मीडिया डाउनलोड

एंड्रॉइड फोन में आप किसी भी ऐसी वेबसाइट से सॉन्ग या वीडियो डाउनलोड कर सकते हैं, जो फ्री में आपको यह सुविधा दे रही हो, लेकिन आईफोन में ऐसा नहीं होता है। आईफोन में किसी भी थर्ड पार्टी वेबसाइट से म्यूजिक या वीडियो डाउनलोड नहीं कर सकते हैं। इन सर्विसेस के लिए आपको अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ेंगे। एप्पल अपने यूजर्स को आईट्यून की सर्विस प्रदान करता है, जिस पर म्यूजिक सुन सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपको आईट्यून का सब्सक्रिप्शन लेना होगा। कंपनी ऐसा सिक्योरिटी के लिहाज से करती है, जिससे कोई भी थर्ड पार्टी मैलवेयर (एक तरह का वायरस) फोन में एंट्री ना कर सके।

ब्लूटूथ

आपने बहुत से ऐसे वीडियो देखे होंगे, जिसमें आईफोन यूजर्स का ब्लूटूथ फीचर को लेकर मजाक उड़ाया गया है। हालांकि, आईफोन और एंड्रॉइड, दोनों में ब्लूटूथ मिलता है, लेकिन आईफोन यूजर्स ब्लूटूथ का इस्तेमाल फाइल ट्रांसफर के लिए नहीं कर सकते हैं। एंड्रॉइड स्मार्टफोन और आईफोन, दोनों को आप किसी भी ब्लूटूथ ईयरबड्स से कनेक्ट कर सकते हैं। आईफोन में आपको 3.5mm ऑडियो जैक होल नहीं मिलता, जो बहुत से एंड्रॉइड स्मार्टफोन में मिल जाता है।

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चार्जर

कुछ फ्लैगशिप डिवाइसेस को छोड़कर एंड्रॉइड पर काम करने वाले ज्यादातर स्मार्टफोन्स के बॉक्स में चार्जर में मिलता है। मगर आईफोन के साथ ऐसा नहीं है। आईफोन के साथ बॉक्स में अब चार्जर नहीं मिलता है। इसकी जगह कंपनी सिर्फ लाइटनिंग केबल देती है। इसके अलावा एंड्रॉइड स्मार्टफोन के चार्जर आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन आईफोन चार्ज करने के लिए आपके पास सिर्फ आईफोन का ही चार्जर होना चाहिए।

MagSafe MagSafe reverse charging

इन फीचर्स को भी कर सकते हैं याद

इनके अलावा कुछ और फीचर्स भी हैं, जिन्हें एंड्रॉइड से आईफोन पर स्चिव करने वाला यूजर याद कर सकता है। मसलन, आईफोन में छोटी बैटरी मिलती है, जबकि ऐंड्राइॅड में आपको 7000mAh तक बैटरी वाले फोन मिल जाएंगे। साथ ही कस्टम यूआई का ना होना, बैक बटन का ना होना और फिंगरप्रिंट सेंसर जैसे फीचर्स की भी कमी शुरुआती दिनों में महसूस हो सकती है।

आईफोन के क्या हैं फायदे?

एंड्रॉइड और आईफोन के इस अंतर को ज्यादातर यूजर्स जानते हैं। इसके बावजूद कुछ यूजर्स को सिर्फ आईफोन ही पसंद आते हैं, तो इसकी कुछ खास वजह हैं। सबसे बड़ी वजह आईफोन में मिलने वाली सेफ्टी और सिक्योरिटी है। एंड्रॉइड डिवाइस के मुकाबले आईफोन ज्यादा सेफ और सिक्योर होते हैं।

इसके अलावा आईफोन का कैमरा भी अच्छी तरह से ऑप्टमाइज रहता है, जिससे फोटो शानदार आती हैं। इनके हैंग होने की शिकायत भी न के बराबर है। आईफोन की उम्र भी एंड्रॉइड डिवाइसेस से ज्यादा होती है, यानी आईफोन को लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है। एंड्रॉइड से आईओएस पर स्विच करने वाले ज्यादातर यूजर्स को इसके यूआई को समझने में दिक्कत होती है, लेकिन अगर आप कुछ दिनों तक किसी भी फोन को इस्तेमाल करें, तो उसके यूआई की आदत हो जाएगी।

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  • Published Date: July 14, 2021 5:09 PM IST



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