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नक्सली इलाकों में BSNL नेटवर्क पर डाटा यूसेज 400GB प्रतिदिन पहुंचा

2016 में मोबाइल कवरेज के अंतर्गत लाये गए देश में 9 नक्सल प्रभावित इलाकों में BSNL के 2G नेटवर्क पर (यह इन राज्यों में एकमात्र सेवा प्रदाता है) 400GB प्रतिदिन डाटा खपत दर्ज की गई है।

  • Published: November 13, 2017 1:00 PM IST
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आज के इस दौर में इंटरनेट पर बड़े पैमाने पर आगे की ओर अग्रसर है, और डाटा की खपत भी निरंतर बढ़ रही है, ऐसे में BSNL VNL ने एक जॉइंट स्टेटमेंट में कहा है कि, “2016 में मोबाइल कवरेज के अंतर्गत लाये गए देश में 9 नक्सल प्रभावित इलाकों में BSNL के 2G नेटवर्क पर (यह इन राज्यों में एकमात्र सेवा प्रदाता है) 400GB प्रतिदिन डाटा खपत दर्ज की गई है।”

इन दोनों सेवा प्रदाताओं ने ही वामपंथी अतिवाद (एलडब्ल्यूई) प्रभावित क्षेत्रों में दूरसंचार नेटवर्क की स्थापना की थी, और इसे शुरू करने के लगभग कम ही समय में यहाँ डाटा खपत के सबसे बड़े या यूँ कहें कि अब तक के सबसे ऊँचे आंकड़े को दर्ज किया गया है। जैसा कि आपको ऊपर भी बताया गया है कि इन क्षेत्रों में डाटा की खपत को 400GB प्रति दिन दर्ज किया गया है।  इसे भी देखें: एप्पल iPhone X में आ रही ये समस्या, यूजर्स हुए परेशान

जून 2013 में मंत्रिमंडल ने नक्सली हिंसा से प्रभावित नौ राज्यों में मोबाइल टॉवर की स्थापना को मंजूरी देने वाले प्रताव को पास किया था, इसके पहले इन क्षेत्रों में कोई भी दूरसंचार ऑपरेटरों मौजूद नहीं हुआ था। हालाँकि लागत संरचना में परिवर्तन के कारण परियोजना को फिर से मंत्रिमंडल में अनुमोदन के लिए भेजा गया था और अगस्त 2014 में इसे मंजूरी दे दी गई थी। इसे भी देखें: Android 8.1 Oreo कुछ दिलचस्प स्पेस-सेविंग फीचर्स के साथ बाजार में देगा दस्तक?

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इसके बाद सरकार ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में इस काम को करने के लिए इस सरकारी फर्म को चुना था और इसे इस काम को सौंप दिया था। इसके बाद इस काम को अंजाम तक पहुँचाने के लिए BSNL द्वारा महज दो फर्म यानी Vihaan Networks Limited और Himachal Futuristic Communications Limited से इस काम के लिए आवेदन पाए थे।

BSNL ने इन्हें इस काम के लिए चुनकर इस काम को करने के लिए इन्हें सभी कुछ साधन उपलब्ध करा दिए थे, और इन दोनों ही फर्मों ने दिसम्बर 2016 की इनकी डेडलाइन से काफी समय यानी लगभग 4 महीने पहले ही इन नक्सली इलाकों में लगभग 2199 सोलर पॉवर मोबाइल टावर लगा दिए थे। इसे भी देखें: Twitter ने Tweet की Character Limit को दोगुना बढ़ाने के बाद अब किया यह बड़ा बदलाव

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इसके अलावा आपको बता दें कि BSNL के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर Anupam Shrivastava का कहना है कि, “हम हमेशा मानते हैं कि भारतीय कंपनियां बहुत अच्छी क्षमता रखती हैं और अगर थोड़ा समर्थन दिया जाता है तो वे दुनिया के खिलाड़ी बन सकते हैं। और भारत सरकार की इस पहल के अंतर्गत, BSNL ऐसी ही कंपनियों के साथ मिलकर सबसे कठिन क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करना जारी रखेगी।” इसे भी देखें: OnePlus 5T की रियल लाइफ फोटो हुईं लीक

इसके अलावा आपको बता दें कि BSNL द्वारा जारी किये गए एक बयान में कहा गया है कि, या ऐसा भी कह सकते हैं कि ऐसा दावा किया गया है कि यह “दुनिया का सबसे बड़ा ग्रीन मोबाइल नेटवर्क” है जो एलडब्ल्यूई क्षेत्रों के 20,000 से अधिक गांवों को Voice और डाटा की सेवाएं प्रदान कर रहा है। इसे भी देखें: Nokia 6 के ग्लोबल वैरिएंट को मिला नवम्बर 2017 का सिक्यूरिटी पैच

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अंत में इस आंकड़े को देखकर यही कहा जा सकता है कि अब इंटरनेट पर धीरे धीरे उन इआलों में भी पहुंच रहा है जहां इसे ले जाना लगभग मुश्किल था, हालाँकि इस काम को अंजाम समय से पहले ही दे दिया गया था, और अब इसने एक नया मुकाम हासिल कर लिया है, और आने वाले समय में हमें और भी बहुत से ऐसे ही आंकड़े देखने को मिलने वाले हैं। इसे भी देखें: एप्पल iPad पर जल्द आएगा व्हाट्सएप: रिपोर्ट

  • Published Date: November 13, 2017 1:00 PM IST