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सेकेंड हैंड फोन की खरीदारी से पहले इन 8 बातों का रखें ख्याल

लोगों को अक्सर वह फोन पसंद आता है जो उनके बजट से बाहर का होता है। ऐसे में उपभो

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लोगों को अक्सर वह फोन पसंद आता है जो उनके बजट से बाहर का होता है। ऐसे में उपभोक्ता सेकेंड हैंड बाजार से उस फोन को लेना पसंद करते हैं। जहां उपयोग किया गया फोन उन्हें कम कीमत में मिल जाता है। परंतु सेकेंड हैंड फोन की खरीदारी में अक्सर लोगों को धोखा हो जाता है। Also Read - आपके PF अकाउंट में हैं कितने पैसे, सारी जानकारी देगा ये सरकारी एप

वे बेहतर फोन के चक्कर में खरीद तो लेते हैं लेकिन घर आकर वह फोन परेशानी का सबब बन जाता है। यही वजह है कि ज्यादातर लोग सेकेंड हैंड फोन की खरीदारी से बचते हैं। परंतु आप थोड़ा सा अहतियात बरतें तो कम कीमत में बेहतर सेकेंड हैंड मोबाइल फोन खरीद सकते हैं। आगे हमने ऐसे ही कुछ उपाए सुझाए हैं जो आपको बेहतर सेकेंड हैंड फोन की खरीदारी में मदद करेगा। Also Read - अपने पुराने स्मार्टफोन को बना सकते हैं सिक्योरिटी कैमरा, जानिए क्या है तरीका

1. कीमत की करें तुलना
आप आॅफलाइन स्टोर से या किसी आॅनलाइन स्टोर के माध्यम से फोन की खरीदारी कर रहे हैं तो सबसे पहले यह जांच लें कि हर जगह इस फोन का सेकेंड हैंड कीमत क्या है। यह आराम से इंटरनेट पर मिल जाएगा। आॅफलाइन से खरीदारी कर रहे हैं तो भी आॅनलाइन स्टोर्स पर इसकी जांच कर लें। इससे फोन की कीमत तय करने में आपको मदद मिलेगी। वहीं खास बात यह कही जा सकती है कि यदि फोन एक सप्ताह भी उपयोग किया गया है तो उसकी कीमत 20-30 फीसदी कम आंके। नए फोन के समान उसकी कीमत नहीं रह जाती। Also Read - Apple iPhone 11 Tips and Tricks: बड़े काम की हैं iPhone 11 सीरीज की ये 8 टिप्स और ट्रिक्स

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2. ज्यादा पुराना फोन न खरीदें
सेकेंड हैंड फोन की खरीदारी में ध्यान दें कि फोन ज्यादा पुराना न हो। फोन अगर एक साल से पुराना है तो फिर तो उसकी खरीदारी आपके लिए नुकसानदेह ही कही जाएगी। क्योंकि इतने दिनों के बाद फोन का मूल्य कुछ खास रह नहीं जाता। सॉफ्टवेयर में अपडेट नहीं मिलेंगे, चार्जर व ईयरफोन की भी स्थिति खराब हो जाती है और तकनीक भी पुरानी हो जाती है। यदि फोन में कुछ हुआ भी है तो आपको वारंटी नहीं मिलेेगी।

3. सोशल नेट​वर्किंग का सहारा
यदि आप फेसबुक और व्हाट्सएप पर बहुत एक्टिव हैं तो सेकेंड हैंड फोन की खरीदारी के लिए आॅनलाइन या आॅफलाइन स्टोर के बजाए सोशल नेटवर्किंग का सहारा ले सकते हैं। कई लोग यहां मिल जाएंगे जो अपना फोन बेचना चाहते हैं। खास बात यह कही जा सकती है कि ये लोग आपकी जानकारी में होंगे इसलिए गलत होने का डर भी कम होता है और सही प्रोडक्ट प्राप्त होने की संभावना भी रहती है।

4. रिटर्न पॉलिसी
आज कई आॅनलाइन साइट हैं जो सेकेंड हैंड फोन बेचने का कार्य कर रहे हैं। यदि आप इन्हीं में ​से किसी वेबसाइट के माध्यम से खरीदारी कर रहे हैं तो रिटर्न पॉलिसी पर जरूर गौर करें। अर्थात यह आश्वस्त हो जाएं कि फोन की रिटर्न पॉलिसी हो। जिससे कि किसी तरह की परेशानी आने पर आप 7 दिन या 10 दिनों के अंदर फोन को रिटर्न कर सकें। कुछ आॅफलाइन स्टोर रिफ​र्बिस फोन बेच रहे हैं। उनमें भी रिटर्न पॉलिसी की जानकारी ले लें। ​यदि यह पॉलिसी नहीं है तो फोन न खरीदें। आपको आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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5. विक्रेता से मिलें
यदि आप क्विकर और ओएलएक्स या फिर सोशल नेटवर्किंग के माध्यम से फोन की खरीदारी कर रहे हैं तो कोशिश करें कि उस विक्रेता से भी मिलें जो आपको अपना फोन बेच रहा है। क्योंकि कई बार सेकेंड हैंड के चक्कर में लोग चोरी का फोन पकड़ा जाते हैं और ऐसे में आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यदि विक्रेता आपसे मिल रहा है तो बातों-बातों में उससे पूर्ण जानकारी प्राप्त कर लें और हो सके तो उसका पहचान पत्र जरूर देखें। यह आपकी सुरक्षा के लिए जरूरी है।

6. मोल-भाव
सेकेंड हैंड फोन में सबसे ज्यादा मोल-भाव होता है। क्यों​कि इसमें खरीदार जहां फोन पाना चाहता है वहीं दूसरा व्यक्ति जल्द से जल्द उस फोन को निकालना चाहता है। ऐसे में आप जहां तक हो सके मोल भाव करें। यदि फोन एक माह भी उपयोग किया गया है तो वास्तविक मूल्य से 40-50 फीसदी या उससे कम का ही भाव तय करें। क्योंकि याद रहे कि आप पुराना फोन ले रहे हैं इसलिए मोल-भाव से न चूकें।

7. अच्छी तरह से करें जांच
अब तक जितनी भी सावधानियां हैं यह पैसे की बचत और सुरक्षा के लिए है लेकिन अब जो आपको देखना है वह आपको बेहतर फोन के चुनाव में मदद करेगा। फोन की खरीदारी से पहले उसके सभी एक्सेसरीज को भली-भांति जांच लें। जैसे चार्जिंग केबल वास्तविक है या नकली। इसी तरह ईयरफोन दिया गया है या नही। यदि है तो किस स्थिति में है। वहीं फोन की स्क्रीन में कितने स्क्रैच लगे हैं और बैक पैनल की स्थिति क्या है।

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इसी के साथ फोन को चार्ज करके देखें और ईयरफोन का भी उपयोग करें। वहीं फोन को एक बार खोलकर बैटरी की स्थिति भी जांच लें। कहीं बैटरी फूली हुई तो नहीं है। सिम लगाकर जांचना भी बेहद जरूरी है सही तरह से नेटवर्क पकड़ रहा है या नहीं। फोन से एक-दो कॉल भी करें और लाउडस्पीकर पर म्यूजिक भी सुनें। हो सके तो एक बार इंटरनेट का भी उपयोग कर लें और अपने माइक्रोएसडी कार्ड को भी लगाएं। भली-भांति जांच लें कि सभी चीजें डिटेक्ट कर रहा है और सही तरह से कार्य भी कर रहे हैं।

चार्जर केबल को बिजली और लैपटॉप दोनों पर लगाकर चेक करें। इसी के साथ फोन बॉडी में हरेक कोने को अच्छी तरह से जांच लें कि इसमें कोई टूट-फूट न हो। कैमरे पर विशेष रूप से ध्यान दें। अक्सर कैमरा का लेंस क्रैक होता है। इस दौरान एक दो फोटो भी ले लें।

आप चाहें तो एक बार सर्विस कोड को भी फोन पर रन कर सकते हैं। इससे फोन के पार्ट्स की जानकारी मिल जाएगी। एंडरॉयड फोन में आप *#0*# टाइप करें। इससे फोन की कई जानकरी स्क्रीन पर आ जाएगी। हालांकि कई मोबाइल फोन निर्माता इसे ब्लॉक कर देते हैं। इस तरह फोन लेने से पहले पर तसल्लीपूर्वक जांच लें। कोई जल्दबाजी न दिखाएं। यदि कोई समान कम है या खराब है तो उसके लिए फोन के पैसे कम करें।

8. खरीदारी बिल
फोन के साथ ही आप उसका विक्रेता से इस फोन का बिल भी लें जो उसे खरीदारी के समय प्राप्त हुआ था। इससे फोन के वास्तविक समय की जानकारी मिलेगी और आप वारंटी भी पा सकेंगे।

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  • Published Date: February 5, 2016 3:00 PM IST
  • Updated Date: February 5, 2016 3:05 PM IST



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