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अपने टेलीकॉम ऑपरेटर को मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) के जरिए ऐसे बदले

एक बार नंबर पोर्ट करने के 90 दिनों तक आप दूसरे ऑपरेटर पर दोबारा पोर्ट नहीं कर सकते हैं।

  • Published: September 18, 2018 9:00 AM IST
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पिछले कुछ सालों में भारत में स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या में जबरदस्त उछाल आया है। इसका श्रेय हम फ्री कॉलिंग, रोमिंग और अफोर्डेबल इंटरनेट को दे सकते हैं। इसके जरिए अब भारत में कई लोग स्मार्टफोन का यूज बेहतर तरह से कर पा रहे हैं। मार्केट में चल रहे जबरदस्त कॉम्पिटिशन के चलते टेलीकॉम ऑपरेटर अब बहुत ही आकर्षक टैरिफ प्लान दे रहे हैं।

पहले एक समय था जब हम अपने टेलीकॉम ऑपरेटर्स से कभी भी खुश नहीं रहते थे। वैसे तो इसके बहुत से कारण होते हैं, लेकिन इनमें से दो कारण नेटवर्क या टैरिफ प्लान होते हैं। पहले टेलीकॉम ऑपरेटर्स को बदलने से नंबर भी बदल जाता था। लेकिन अब मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) के कारण ऐसा नहीं होता है। MNP के कारण आप आसानी से अपने टेलीकॉम पार्टनर को बदल सकते हैं और आपको अपना पुराना नंबर बदलना भी नहीं पड़ेगा। अगर आप अपना टेलीकॉम ऑपरेटर बदलना चाहते हैं तो हम आपके लिए स्टेप-बाय-स्टेप गाइड लेकर आएं हैं।

जानें दूसरे ऑपरेटर पर मोबाइल नंबर को कैसे पोर्ट करे

पहला स्टेप

सबसे पहले आपको एक 8-डिजिट का यूनिक पोर्टिंग कोड (UPC) जनरेट करना होगा। इसके लिए आपको एक नया SMS कंपोज करना है और उसमें PORT <मोबाइल नंबर> लिख कर 1900 पर भेजना होगा। उदहारण के लिए अगर आपका नंबर 9820098200 है तो SMS कुछ ऐसा होगा – PORT 9820098200

दूसरा स्टेप

अब आपके पास 1901 नंबर से एक SMS आएगा जिसमें UPC कोड और एक एक्सपायरी डेट होगी। आपको कोड मिलने में एक दिन से 7 दिन तक का समय लग सकता है। आपको इस बात का ध्यान रखना है कि कोड मिलने के बाद उसमें लिखी एक्सपायरी डेट से पहले-पहले आपको पोर्टिंग करवानी होगी।

तीसरा स्टेप

अगर अापने अपना मोबाइल नंबर पहले से ही आधार कार्ड से लिंक किया हुआ है, तो आपको eKYC वेरिफिकेशन के लिए ऑपरेटर स्टोर में सिर्फ अपना आधार कार्ड ले जाना होगा। अगर आपके पास आधार कार्ड नहीं है तो आपको अपनी ID, एड्रेस प्रूफ और फोटोग्राफ्स ले जानी होगी।

चौथा स्टेप

अब आपको ऑपरेटर स्टोर पर पोर्टिंग कोड और जरूरी डाक्यूमेंट्स के साथ जाना होगा। अब आपको मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी फॉर्म को भरना होगा और पोर्टिंग कोड के साथ नए ऑपरेटर को देना होगा। ध्यान रखें कि मोबाइल नंबर पोर्ट करना तभी संभव है जब आपके सारे पेंडिंग (ओवरड्यू) सेटल हो। ऐसा ना होने पर आप नंबर पोर्ट नहीं कर पाएंगे।

आपको अब बस नया सिम खरीदना है और प्रीपेड और पोस्टपेड कनेक्शन में से एक को चुनना है और आखिर में एक टैरिफ प्लान को चुनना है। एक बार जब आपका पुराना नंबर डीएक्टिवेट हो जाए, तब आपको नया सिम मोबाइल में डालना है। ऐसा करते ही अब आप नया कनेक्शन चलाने के लिए तैयार हैं। आपको बता दें कि एक बार नंबर पोर्ट करने के 90 दिनों तक आप दूसरे ऑपरेटर पर दोबारा पोर्ट नहीं कर सकते हैं।

  • Published Date: September 18, 2018 9:00 AM IST