comscore Pegasus Spyware: चाहे Reset कर लें फोन या फिर बदल लें पासवर्ड, इस खतरनाक वायरस से बचना है नामुमकिन!
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Pegasus Spyware: चाहे Reset कर लें फोन या फिर बदल लें पासवर्ड, इस खतरनाक वायरस से बचना है नामुमकिन!

Pegasus Spyware: यह जासूसी सॉफ्टवेयर ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने वाली कंपनियों और टेक्नोलॉजी कंपनियों Apple, Google, Facebook से दो कदम आगे है। जिस स्मार्टफोन में यह Spyware अटैक करता है, उसमें हम वायरस से बचने का कोई भी तरीका अपना लें, बचना लगभग नामुमकिन है!

Stalkerware Leak


Pegasus Spyware पिछले कुछ दिनों से काफी चर्चा में है। ऐसा माना जा रहा है कि इस Spyware (जासूसी सॉफ्टवेयर) का इस्तेमाल सरकारी एजेंसियां लोगों पर नजर रखने के लिए करती है। यह जासूसी सॉफ्टवेयर ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने वाली कंपनियों और टेक्नोलॉजी कंपनियों Apple, Google, Facebook से दो कदम आगे है। जिस स्मार्टफोन में यह Spyware अटैक करता है, उसमें हम वायरस से बचने का कोई भी तरीका अपना लें, बचना लगभग नामुमकिन है! Also Read - TikTok के 200 करोड़ से ज्यादा यूजर्स की डिटेल लीक, चुराई गई निजी जानकारियां

वायरस से बचने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले तरीके

Antivirus भी नहीं आएगा काम: हम आम तौर पर स्मार्टफोन या किसी कम्प्यूटर को वायरस के अटैक से बचने के लिए एंटीवायरस का इस्तेमाल करते हैं। एंटीवायरस डिवाइस को वायरस के अटैक और साइबर हमलों से बचाता है। Pegasus Spyware के केस में ऐसा नहीं है। अब तक सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, साधारण तौर पर इस्तेमाल किया जाने वाला एंटीवायरस Pegasus को डिटेक्ट भी नहीं कर पाता है। ऐसे में यह पता लगाना मुश्किल है कि स्मार्टफोन में Pegasus पेनिट्रेट किया गया है या नहीं। Also Read - बिक गया 54 लाख यूजर्स का डेटा, Twitter ने माना हुआ था अटैक

Pegasus spyware

Image source: Pexels

Factory Reset करना भी होगा बेकार: हम किसी भी तरह के वायरस अटैक से बचाने के लिए अपने स्मार्टफोन को Factory Reset कर देते हैं। फैक्ट्री रीसेट करने से डिवाइस में पेनिट्रेट किए गए वायरस हट जाते हैं, लेकिन Pegasus यहां भी बच जाता है। यह डिवाइस में चिप लेवल अटैक करता है। जिसकी वजह से फोन के फैक्ट्री रीसेट होने के बावजूद यह दोबारा से फंक्शनल हो जाता है। Also Read - EPFO के 28 करोड़ PF Account Holders का डाटा लीक! चेक करें कहीं आपका तो नहीं हुआ 'नुकसान'

VPN कनेक्शन: VPN कनेक्शन होने पर भी इस खतरनाक जासूसी वायरस से नहीं बचा जा सकता है। Pegasus Spyware को बेस ट्रांसीवर स्टेशन (BTS) का इस्तेमाल करके स्मार्टफोन में इंजेक्ट किया जा सकता है। ऐसें में VPN (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) रहे या न रहे इस वायरस से बचना असंभव है। यहां तक की यूजर की ई-मेल आइडी, फोन नंबर जैसी निजी जानकारी न होने पर भी इसे BTS के माध्यम से फोन में इंजेक्ट किया जा सकता है।

यही नहीं, सिम कार्ड चेंज करने से लेकर मोबाइल डेट ऑफ करने या फिर पासवर्ड बदलने पर भी यह जासूसी सॉफ्टवेयर फोन के जरिए डेटा रिले कर सकता है।

फोन को स्वीच ऑफ (Switched Off) रखना होगा कारगर!

Pegasus Spyware स्मार्टफोन के कैमरे और माइक्रोफोन का इस्तेमाल स्वीच ऑफ होने के बाद भी कर सकता है। हालांकि, फोन स्वीच होने के बाद यह रिकार्ड किया गया डेटा रिले नहीं कर पाता है। इस जासूसी सॉफ्टवेयर में डिवाइस स्वीच ऑफ होने के बाद भी डिवाइस से पावर लेने की क्षमता है। हालांकि, फोन स्वीच ऑफ होने के बाद आप थोड़ी देर के लिए जासूसी को रोक सकते हैं, लेकिन फोन स्वीच ऑन होते ही यह फिर से डेटा रिले करना शुरू कर देगा।

  • Published Date: July 22, 2021 7:49 PM IST

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