comscore Online Shopping करने से पहले इन 5 बातों का रखें ध्यान, नहीं तो उठाना पड़ेगा नुकसान
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Online Shopping करने से पहले इन 5 बातों का रखें ध्यान, नहीं तो उठाना पड़ेगा नुकसान

ऑनलाइन शॉपिंग का दूसरा पहलू यह भी है कि कई बार आप साइबर अपराधियों के शिकार बन जाते हैं। जिसकी वजह से उनकी गाढ़ी कमाई में सेंध लग सकती है। आज हम आपको ऑनलाइन शॉपिंग करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, उसके बारे में बताने जा रहे हैं।

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पिछले कुछ सालों में ऑनलाइन शॉपिंग का बाजार तेजी से बढ़ा है। खास तौर पर पिछले साल आए कोरोना महामारी की वजह से लोग घरों से बाहर निकलने के बजाय घर बैठे सामान मंगाना पसंद करने लगे हैं, ताकि भीड़-भाड़ वाले बाजारों से बचा जा सके। ऑनलाइन शॉपिंग के तेजी से बढ़ने की एक और वजह सस्ता इंटरनेट और स्मार्टफोन भी है। स्मार्टफोन पर शॉपिंग प्लेटफॉर्म (Amazon, Flipkart, Myntra, Big Bazaar) आदि के ऐप इंस्टॉल करके लोग घर बैठे अपनी पसंद का सामान मंगा सकते हैं। Also Read - Twitter से ही अब कर पाएंगे खरीदारी, Shopping फीचर के लिए जुड़ेगा एक नया ऑप्शन

ऑनलाइन शॉपिंग का दूसरा पहलू यह भी है कि कई बार आप साइबर अपराधियों के शिकार बन जाते हैं। जिसकी वजह से उनकी गाढ़ी कमाई में सेंध लग सकती है। आज हम आपको ऑनलाइन शॉपिंग करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, उसके बारे में बताने जा रहे हैं। Also Read - Flipkart के यूजर्स को जल्द मिलेगा AR शॉपिंग एक्सपीरियंस, Scapic का किया अधिग्रहण

सिक्योर कनेक्शन और डिवाइस का करें इस्तेमाल

कई बार हम ऑनलाइन शॉपिंग करने के लिए साइबर कैफे या फिर पब्लिक Wi-Fi का इस्तेमाल करते हैं, जो कि सुरक्षित नहीं होता है। यही नहीं, हम ऑनलाइन शॉपिंग करने के लिए उन कम्प्यूटर का इस्तेमाल भी करते हैं, जो सिक्योर यानी सुरक्षित कनेक्शन से नहीं जुड़े होते हैं। ऐसे में आपके अकाउंट की जानकारी, पासवर्ड, कार्ड नंबर आदि साइबर अपराधियों के हाथ लग सकते हैं। जिनका इस्तेमाल करके वो आपके अकाउंट पर डाका डाल सकते हैं। ऐसे में आपको अपने स्मार्टफोन, कम्प्यूटर आदि में एंटी वायरस इंस्टॉल करना चाहिए, ताकि ऐसे किसी भी तरह के असुरक्षित कनेक्शन को रोका जा सकता है। Also Read - Amazon, Flipkart पर आज से शुरू होगी स्मार्टफोन, लैपटॉप और दूसरे सामान की बिक्री

Malvertising (मालवरटाइजिंग) से बचें

यह एक नया टर्म है, जिसके बारे में आपको पता होना चाहिए। साइबर अपराधी आपको SMS, सोशल मीडिया, ई-मेल आदि के जरिए फर्जी एडवरटाइजमेंट भेजते है। ये एडवर्टिजमेंट कई आकर्षक ऑफर के साथ होते हैं, जिसे देखकर आप उन्हें क्लिक कर देते हैं। 2016 में एक म्यूजिक स्ट्रिमिंग ऐप Malvertising केम्पैन का शिकार हो गया था, जिसकी वजह से कई यूजर के डेटा प्रभावित हुए थे। स्मार्टफोन और कम्प्यूटर के सर्च इंजन इतने सुरक्षित नहीं होते हैं कि वे इस तरह के मालवरटाइजिंग पर रोक लगा सके। हालांकि, Google ने हाल के दिनों में अपने वेब और मोबाइल ब्राउजर के लिए कई सिक्योरिटी अपडेट जारी किए हैं, जो काफी हद तक सुरक्षित होते हैं। आप अपने PC या मोबाइल में ऐड ब्लॉकर ऐप या सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके Malvertising से बच सकते हैं।

ई-मेल/SMS के जरिए स्कैम

कई साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर का मानना है कि त्योहारी सीजन में साइबर अपराधी लोगों को कई तरह के ऑफर वाले ई-मेल और SMS भेजते हैं, जो कि शॉपिंग वेबसाइट के हू-ब-हू दिखता है। जैसे ही आप साइबर अपराधियों द्वारा भेजे गए इस तरह के ई-मेल को ओपन करते हैं, आपको यह फर्जी शॉपिंग वेबसाइट पर रिडाइयरेक्ट करता है। वहां आप जैसे ही कोई प्रोडक्ट खरीदने के लिए क्लिक करते हैं, आपसे बैंक और कार्ड आदि की डिटेल मांगेगा। आप अगर, इस तरह के किसी ई-मेल द्वारा रिसीव हुए लिंक पर क्लिक करके निजी जानकारियां डालेंगे, वो सीधे साइबर अपराधियों तक पहुंचेंगे। जिसके बाद आपकी निजी डिटेल्स उन तक पहुंच जाते हैं और आपके अकाउंट्स के हैक होने का खतरा रहता है।

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क्रेडिट कार्ड और बैंक अकाउंट पर रखें नजर

हम जैसे कई यूजर अपने बैंक अकाउंट पर नजर नहीं डालते हैं। हम अपने अकाउंट के स्टेटमेंट आदि पर नजर नहीं डालते हैं। कई बार हमारे अकाउंट से पैसे कट जाते हैं और हमें पता भी नहीं चलता है। हम बैंक द्वारा भेजे गए SMS और ई-मेल पर नजर नहीं रखते हैं। आप अपने क्रेडिट कार्ड और बैंक अकाउंट के स्टेटमेंट को गौर से चेक करें। अगर, आपको उसमें कोई भी ऐसा ट्रांजैक्शन दिखता है, जिसके बारे में आप नहीं जानते हैं, तुरंत बैंक और क्रेडिट कार्ड प्रोवाइडर से संपर्क करें और शिकायत करें, ताकि इस तरह के किसी भी ट्रांजैक्शन की रिफंड आपको मिल सके।

केवल सुरक्षित वेबसाइट और ऐप के जरिए करें शॉपिंग

ऑनलाइन शॉपिंग करते समय हम जिस ई-कॉमर्स वेबसाइट का इस्तेमाल करते है, उसके वेब एड्रेस में यह जरूर चेक करें कि वह “https” से शुरू हो रहा है। कोई भी वेबसाइट जो “https” से शुरू होता है, वह सुरक्षित माना जाता है। क्योंकि इन वेबसाइट में TLS/SSL (Transport Layer Security/Secure Sockets Layer) एनक्रिप्शन का इस्तेमाल होता है, जो वेबसाइट पर किए जाने वाले ट्रांजेक्शन को सिक्योर करता है।

ठीक, इसी तरह ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के आधिकारिक ऐप के जरिए ही कोई प्रोडक्ट खरीदें। इन प्लेटफॉर्म के ऐप आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ही अपने फोन में डाउनलोड करें। कई बार Google Play Store और iOS स्टोर पर इन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के फर्जी ऐप्स उपलब्ध होते हैं, जिन्हें हम जाने-अनजाने में डाउनलोड कर लेते हैं।

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  • Published Date: December 19, 2021 12:06 PM IST



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