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Chandrayaan-2, भारत अगले साल की पहली तिमाही में चंद्रमा पर भेजेगा अपना दूसरा मिशन

मार्च तक चन्द्रमा पर Chandrayaan-2 के रूप में भेजा जा सकता है दूसरा भारतीय मिशन।

  • Published: October 25, 2017 11:30 AM IST
ISRO-Chandrayaan-1-found-orbiting-moon

केन्द्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ। जितेंद्र सिंह (Ministry of Development of North Eastern Region (DoNER), MoS PMO, Personnel, Public Grievances and Pensions, Atomic Energy and Space) ने कहा है कि चांद पर दूसरे मिशन के रूप में Chandrayaan-2 को 2018 की पहली तिमाही में चांद पर प्रक्षेपित किया जा जा सकता है। इस बात के जानकारी डॉ। सिंह ने दिल्ली में आयोजित Asian Conference on Remote Sensing (ACRS) में दी है। पांच दिवसीय सम्मेलन में 500 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया है, जिसमें दुनिया भर के प्रमुख अंतरिक्ष वैज्ञानिक शामिल हैं। इस दौरान डॉ। सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्थानीय अंतरिक्ष अनुसंधान में को एक नया जीवन देने का श्रेय देते हुए, अंतरिक्ष वैज्ञानिकों और विभिन्न सरकारी विभागों और मंत्रालयों के बीच बुद्धिशीलता सत्र की व्यवस्था का भी श्रेय दिया।

उन्होंने दक्षिण एशिया उपग्रह के अपनी पैट परियोजना को एक नया आयाम देने को लेकर भी उनकी प्रसंशा की, यह परियोजना उन पड़ोसी देशों को अंतरिक्ष के बुनियादी ढांचे का लाभ प्रदान करता है जो अपने उपग्रहों को वहन नहीं कर सके हैं। इसके अलावा डॉ। सिंह ने अननेम्ड रेलवे क्रॉसिंग की सुरक्षा में सुधार के लिए ISRO की भी प्रशंसा की। इसे भी देखें: जानें कैसे करें व्हाट्सएप पर पब्लिक ग्रुप चैट में किसी को इनवाइट

डॉ। सिंह ने कहा कि भारत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी राष्ट्रों में से एक के रूप में उभरा है, यह भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के संस्थापकों के सपने का एक प्रमाणन था, इसमें विक्रम साराभाई और सतीश धवन शामिल हैं। यह उनका ही सपना था जो आज पूरा होता नजर आ रहा है। इसे भी देखें: अगर आपको भी व्हाट्सएप पर आया है इस तरह का मैसेज… तो हो जाएं सावधान

ISRO द्वारा बनाये गए प्लान के अनुसार, Chandrayaan-2 मिशन में एक लूनर ऑर्बिटर होगा, एक सॉफ्ट लैंडर के साथ साथ एक सेमी ऑटोनोमस रोवर भी होगा। बढ़ते हुए Payload का समर्थन करने के लिए, ISRO अपने Workhorse रॉकेट के खिलाफ अपने GSLV MKII का प्रयोग कर सकती है, PSLV का इस्तेमाल मेडेन मून मिशन के लिए किया जाता है। इसे भी देखें: जानें व्हाट्सएप पर कैसे शेयर करें ग्रुप इनवाइट लिंक

आपको बता दें कि इससे पहले भारत चंद्रयान 1 के रूप में चन्द्रमा पर अपना पहला मिशन भी भेज चुका है, और यह सफल भी रहा है। अब सबकी निगाहें भारत से जानें वाले दूसरे चंद्रयान पर रहेंगी। और सभी इसके भी सफल होने की कामना अभी से करने लगे हैं, इसे साफ हो जाता है कि भारत तकनीकी के क्षेत्र में काफी तरक्की कर रहा है।

  • Published Date: October 25, 2017 11:30 AM IST